केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। मंगलवार को दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन के बाद शाह ने कहा कि कांग्रेस अपनी चुनावी हार के लिए SIR को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती, क्योंकि यह प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई है। उन्होंने राहुल गांधी को आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी करने और बार-बार मिल रही हार पर आत्ममंथन करने की सलाह भी दी।
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर अमित शाह का हमला
अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि 14 राजनीतिक दलों के साथ आने और सीमित क्षेत्र में भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उनके मुताबिक, देश की वास्तविक आवाज गांवों, खेतों, दूरदराज के पहाड़ी इलाकों और उन क्षेत्रों में भी मौजूद है, जहां विपक्ष की पहुंच सीमित है। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी SIR का विरोध करके घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया को रोकना चाहते हैं। यह भाजपा नेता का आरोप है; इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गुजरात निकाय चुनाव के नतीजों का हवाला दिया
अपने बयान में अमित शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधीनगर नगर निगम सहित गुजरात के निकाय चुनावों में पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। शाह के अनुसार, गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों में से भाजपा ने 38 सीटें जीतीं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को वहां सफलता नहीं मिली। शाह ने गुजरात के साथ त्रिपुरा और राजस्थान में हुए स्थानीय निकाय चुनावों तथा अन्य उपचुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि इन नतीजों से भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता के समर्थन का संकेत मिलता है।
'SIR से पहले भी कांग्रेस चुनाव हारती रही'
अमित शाह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस की चुनावी हार का सिलसिला SIR शुरू होने से पहले से जारी है। उन्होंने गुजरात, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहां कांग्रेस लंबे समय से सत्ता हासिल नहीं कर पाई है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि SIR के कारण ही चुनावी नतीजे प्रभावित हो रहे हैं, तो 2024 से पहले हुई हारों की वजह क्या थी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को अपनी रणनीति की समीक्षा करने और जनता के बीच जाकर काम करने की सलाह दी।
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी साधा निशाना
गृह मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आगामी लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों को 2029 के चुनाव में फिर हार का सामना करने के लिए तैयार रहने की चुनौती दी। शाह ने कहा कि केवल सरकार और चुनावी संस्थाओं पर आरोप लगाने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उनके मुताबिक, विपक्ष को अपनी राजनीतिक रणनीति और जनता से जुड़ाव पर ध्यान देना चाहिए।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच विवाद जारी है। राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और उनके जवाबों के बीच चुनाव आयोग की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव तथा संबंधित शिकायतों के तथ्यों का अलग-अलग मूल्यांकन महत्वपूर्ण है।