उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लखनऊ में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में शामिल होकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति का रोडमैप समझाएंगे। बैठक में बूथ प्रबंधन, संगठन की मजबूती और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति से निपटने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में हो रही है। पार्टी ने प्रदेशभर से करीब 2,850 पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसमें आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठक के समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
बूथ प्रबंधन और पुराने चुनावी मॉडल पर रहेगा जोर
अमित शाह के संबोधन में 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनावों में अपनाई गई रणनीतियों का जिक्र होने की संभावना है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर रहेगा। इसके साथ ही सामाजिक समीकरणों को साधने, सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब देने की रणनीति पर भी मंथन होगा। यूजीसी, आरक्षण और जातिगत राजनीति से जुड़े विमर्श को लेकर पार्टी की आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हो सकती है।
MLC चुनाव में प्रदर्शन की भी होगी समीक्षा
हाल में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजे भी बैठक के एजेंडे में अहम हो सकते हैं। इन चुनावों में भाजपा ने अपनी पिछली छह सीटें बरकरार रखीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने अपनी सीटों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर ली। ऐसे में पार्टी संगठन के भीतर इस प्रदर्शन की समीक्षा और कमजोरियों को दूर करने के उपायों पर चर्चा की संभावना है।
बैठक में शामिल होंगे बड़े नेता और पदाधिकारी
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्रीय और प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, जिला अध्यक्ष, क्षेत्रीय पदाधिकारी और पार्टी के विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर नई कार्ययोजना तैयार करने पर जोर रहेगा।
राजनीतिक प्रस्ताव के जरिए तय होगी आगे की दिशा
बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पेश किए जाने की तैयारी है। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों, संगठन की उपलब्धियों और आगामी राजनीतिक प्राथमिकताओं को शामिल किया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व का जोर इन मुद्दों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और बूथ से लेकर जिला इकाई तक संगठन को सक्रिय करने पर रहेगा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले लखनऊ की यह बैठक भाजपा के संगठनात्मक अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। अमित शाह का संबोधन कार्यकर्ताओं के लिए आगामी चुनावी तैयारियों की दिशा और जिम्मेदारियां तय करने के लिहाज से अहम होगा।