Bhagwant Mann Delhi Airport News : आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार कोएक बड़ा सियासी हंगामा खड़ा करते हुए दावा किया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर 3 घंटे तक रोककर रखा गया। पार्टी के अनुसार पेरिस से यात्रा पूरी कर लौटने के बाद अधिकारियों ने सीएम मान का 50 हजार रुपए काचालान काट दिया। पूछने पर अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके ऊपर बहुत ज्यादा ऊपर से दबाव बनाया गया था।

सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जिस तरह अहंकार में डूबे रावण का घमंड दशहरे के दिन चकनाचूर हो गया था, ठीक उसी तरह केंद्र सरकार का यह घमंड भी बहुत जल्द टूटेगा।

क्या है पूरा मामला और पेरिस दौरा?

अंतरराष्ट्रीय एग्जीबिशन : मुख्यमंत्री भगवंत मान 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस में आयोजित दुनिया के बड़े फूड ट्रेड शो SIAL पेरिस 2026 में भाग लेने गए थे।

हाईकोर्ट की परमिशन : केंद्र सरकार ने शुरू में उन्हें इस दौरे की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था। उसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और आदेश के बाद ही मान फ्रांस जा सके थे।

सामान लोड होते ही काटा गया चालान

पंजाब आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने इस पूरी घटना को केंद्र सरकार द्वारा सीएम मान के विदेश दौरों में लगातार रोड़े अटकाने की साजिश बताया है।

वसूली का बहाना : पन्नू ने वीडियो जारी कर बताया कि एयरपोर्ट के अधिकारियों ने पहले तो सामान आने या कागजी जांच में बेवजह की देरी का बहाना बनाया।

अचानक कार्रवाई : जब सीएम मान का सारा सामान उनकी गाड़ी में लोड हो चुका था और वे वहां से निकलने वाले थे, ठीक उसी वक्त अधिकारियों ने यह कहते हुए चालान थमा दिया कि उन पर ऊपर से बहुत भारी दबाव है।

पेरिस में प्रोटोकॉल न मिलने का आरोप

बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार पर पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ सौतेला और भेदभावपूर्ण व्यवहार करने का भी गंभीर आरोप लगाया। पन्नू के मुताबिक मान साहब पंजाब की स्थानीय चीजों और उत्पादों को ग्लोबल मार्केट में पहचान दिलाने के लिए पेरिस गए थे। मगर, हैरानी की बात है कि हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बावजूद फ्रांस में भारत के काउंसल जनरल मुख्यमंत्री से मिलने तक नहीं आए।

केंद्र की रोक और कोर्ट का दखल

आपको बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कट्टरपंथी गुटों से सुरक्षा खतरे का हवाला देते हुए भगवंत मान के फ्रांस दौरे की फाइल पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ पंजाब सरकार ने तुरंत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दलील दी कि यह दौरा कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि राज्य के बिजनेस और खेती-किसानी के हितों को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 16 अक्टूबर को मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी थी।

पंजाब के फंड रोकने का भी आरोप

पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर पंजाब के विकास कार्यों में लगातार अंगा डालने का आरोप लगाया। बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र ने इससे पहले किसानों को डेढ़ साल तक दिल्ली बॉर्डर पर रोके रखा, पंजाब का हक का पैसा रोका और मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं की परमिशन कम-से-कम चार बार अटकाने की कोशिश की। आप नेता का दावा है कि केंद्र सरकार इस बात से डरी हुई है कि मुख्यमंत्री विदेश जाएंगे तो पंजाब में भारी-भरकम निवेश आएगा।