बिहार के एजुकेशन डिपार्टमेंट में नई टेक्नोलॉजी लाने की तैयारी चल रही है। सरकारी स्कूलों के टीचर्स को अब AI के बारे में सिखाया जाएगा। इसके लिए बिहार सरकार ने गूगल इंडिया के साथ समझौता कर लिया है। ये फैसला टीचर्स डे के दिन हुआ है। इस पर NCERT के निदेशक यतेंद्र कुमार पाल और गूगल इंडिया के कंट्री हेड संजय जैन ने साइन किया। उस समय पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी मौजूद थे।
टीचर्स को क्या फायदा होगा?
इसका सबसे बड़ा फायदा टीचर्स को AI के बारे में बताना और उसे इस्तेमाल करना सिखाना है। ट्रेनिंग से टीचर्स AI को अच्छे से समझ पाएंगे। वह ये भी सीखेंगे कि पढ़ाई में AI और दूसरी डिजिटल चीजों का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए। आजकल स्कूलों में टेक्नोलॉजी बहुत ज्यादा बढ़ रही है। इसलिए टीचर्स को भी नई चीजें सीखना बहुत जरूरी है। सरकार चाहती है कि टीचर्स समय के साथ-साथ खुद को भी अपडेट रखें।
छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ेगा असर
AI की ट्रेनिंग का फायदा सिर्फ टीचर्स को ही नहीं होगा। इसका फायदा बच्चों को भी मिलेगा। जब टीचर्स टेक्नोलॉजी को अच्छे से इस्तेमाल करना सीख जाएंगे तो बच्चों की पढ़ाई और आसान हो जाएगी। सरकार का मानना है कि AI और डिजिटल टूल्स से पढ़ाई को आसान और अच्छा बनाया जा सकता है। इससे बच्चों को कोई भी डिफिकल्ट या इजी टॉपिक समझने में मदद मिलेगी।
शिक्षा में नई तकनीक लाने की कोशिश
बिहार सरकार लगातार पढ़ाई में टेक्नोलॉजी को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। गूगल के साथ ये समझौता भी उसी का एक हिस्सा है। इससे सरकारी स्कूलों के टीचर्स को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने टीचर्स से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी और मेहनत के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि टीचर्स ही बिहार का भविष्य बनाते हैं। आने वाले समय में शिक्षा में AI का इस्तेमाल और बढ़ेगा। इसलिए बिहार के टीचर्स को अभी से ट्रेन करना एक बहुत अच्छा कदम माना जा रहा है।