Central Government Pension New Rule : केंद्र सरकार ने करोड़ों पेंशनभोगियों और सरकारी कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार के इस फैसले से देश के 33.9 लाख पेंशनधारकों और 36.5 लाख से अधिक कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर इससे 70 लाख लोग सीधा लाभान्वित होंगे।

पेंशन संबंधित विवरणों की अनिवार्य रूप से करानी होगी जांच

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब सभी सरकारी विभागों को अपने कर्मचारियों के रिटायरमेंट से ठीक 4 साल पहले उनके पूरे सर्विस रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) और पेंशन से जुड़े विवरणों की अनिवार्य रूप से जांच करवानी होगी। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारियों से अचानक होने वाली रिकवरी (पैसे की कटौती) और उससे पैदा होने वाले कानूनी विवादों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

संबंधित अधिकारी होंगे जवाबदेह

नए नियमों के तहत इस प्रक्रिया का पालन बेहद सख्ती से करने को कहा गया है, ताकि गलती की कोई गुंजाइश न बचे। पूरे मामले में लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। नए नियमों के अनुसार प्रमोशन, इंक्रीमेंट या एसीपी/ एमएसीपी मिलने के बाद जो पे-फिक्सेशन के आदेश जारी होते हैं, उनका सत्यापन अब महज 3 महीने या उसी वित्त वर्ष के अंत तक पूरा करना हर हाल में अनिवार्य कर दिया गया है। देश के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में केंद्र सरकार का कुल पेंशन खर्च 12.3% की बढ़ोतरी के साथ सीधे 3.46 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कुल खर्च में अकेले रक्षा पेंशन की हिस्सेदारी 45.57% है। सिविल पेंशन की हिस्सेदारी 33.57% दर्ज की गई है।

पेंशन और सर्विस रिकॉर्ड की जांच के लिए बनाए गए कड़े नियम

  • पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (PAO) की तरफ से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जारी होने के बाद किसी भी कर्मचारी से भविष्य में कोई वसूली नहीं की जा सकेगी।
  • वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद भी पे-फिक्सेशन या वेतन निर्धारण में गड़बड़ी पाई जाती है तो उस वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई उस गलती को मंजूरी देने वाले संबंधित अधिकारियों की जेब से की जाएगी।
  • कर्मचारियों के पेंशन और सर्विस पीरियड की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसका समय-समय पर ऑडिट किया जाता रहेगा।