राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना प्रशासनिक अनुमति के जबरन प्रदर्शन करना 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया। दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें अदालत ने 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उनके साथ हिरासत में लिए गए अजिंक्य शिंदे को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
मंगलवार सुबह हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि मंगलवार को प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रवेश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया था, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। अब सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने जानकारी दी है कि दोनों को बुधवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान दोनों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए नारेबाजी की थी। CJP की ओर से दावा किया गया कि उसके करीब 11 अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है।
रत्ना सिंह ने पुलिस पर लगाया मनमानी का आरोप
सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ऊपर से मिले निर्देशों पर काम कर रही है और कानून को ताक पर रख रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को करीब 24 घंटे तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और शुरुआत में उन्हें गिरफ्तारी या हिरासत के आधार की जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP के प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है। हालांकि, निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी दिल्ली पहुँचते ही सीजेपी (CJP) के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उस समय उन्हें शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर छोड़ा गया था, लेकिन अब नई कार्रवाई के तहत पुलिस ने पहले दिए गए 'शांति बांड' की शर्तों के कथित उल्लंघन का मामला भी शामिल कर लिया है।