दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया है। इन नेताओं पर जंतर-मंतर क्षेत्र में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है। तीनों को बुधवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर पहुंचे थे कार्यकर्ता
यह मामला मंगलवार सुबह का है, जब CJP के नेता और समर्थक भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड और लोहे के गेट पार किए। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए नारेबाजी की। दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। CJP की ओर से दावा किया गया कि उसके करीब 11 अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत को लेकर विवाद
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने की घोषणा की है। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को वैकल्पिक स्थानों के रूप में सूचीबद्ध किया है। CJP इस फैसले का विरोध कर रही है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति हासिल करना चाहते थे। संगठन ने इस स्थल को प्रदर्शन सूची से हटाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP के प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है। हालांकि, निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी दिल्ली पहुँचते ही सीजेपी (CJP) के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उस समय उन्हें शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर छोड़ा गया था, लेकिन अब नई कार्रवाई के तहत पुलिस ने पहले दिए गए 'शांति बांड' की शर्तों के कथित उल्लंघन का मामला भी शामिल कर लिया है।
आज अदालत में पेश किए जाने की संभावना
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को बुधवार सुबह विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जा सकता है। पुलिस की कार्रवाई में बिना अनुमति प्रवेश, निषेधाज्ञा के उल्लंघन और सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने से संबंधित आरोप शामिल बताए गए हैं। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के समक्ष पेश किए जाने और पुलिस की जांच पर निर्भर करेगी।