दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को पूरे NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया था। इसके बावजूद हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है। दिवाली से ठीक पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम रहने और प्रदूषकों का फैलाव न होने से आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की है।

दिल्ली का औसत AQI 382, कई इलाकों में स्थिति गंभीर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 6 नवंबर के शाम 4 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 382 दर्ज किया गया था। यह 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है और 401 के गंभीर स्तर से महज 19 अंक नीचे था। राजधानी के कई निगरानी केंद्रों पर AQI 400 के पार पहुंच चुका था। 58 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 27 पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। AQI के पैमाने पर 301 से 400 के बीच का स्तर 'बहुत खराब' और 401 से 450 के बीच का स्तर 'गंभीर' माना जाता है। ऐसे में अलग-अलग इलाकों के आंकड़े और पूरे शहर का औसत AQI अलग हो सकते हैं।

GRAP-3 लागू, निर्माण कार्यों पर सख्ती

प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए CAQM ने 6 नवंबर से दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। इसके तहत धूल फैलाने वाले अधिकांश निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसमें खुदाई, पाइलिंग, सड़क निर्माण और अन्य धूल पैदा करने वाली गतिविधियां शामिल हैं। जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी जा सकती है। स्टोन क्रशर, खनन गतिविधियों और स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल नहीं करने वाले हॉट मिक्स प्लांट को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री को कच्ची सड़कों से ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आपातकालीन और जरूरी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक है।

BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों पर पाबंदी

GRAP-3 के तहत दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल से चलने वाले चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। जरूरी सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को नियमों के तहत छूट मिल सकती है। दिल्ली में कुछ श्रेणियों के BS-4 डीजल मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं। अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई, दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में हाइब्रिड मोड में पढ़ाई का प्रावधान किया गया है। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प शामिल हैं। ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प चुनने का फैसला अभिभावक और छात्र कर सकते हैं। वहीं, दिल्ली और NCR के राज्य सरकारों को सरकारी, नगर निकाय और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कामकाज और बाकी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू करने पर फैसला लेने को कहा गया है। निजी कंपनियों को भी घर से काम या हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है।

7 से 9 नवंबर तक गंभीर श्रेणी में रह सकती है हवा

दिल्ली के लिए जारी एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 से 9 नवंबर के बीच हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रह सकती है। मौसम में प्रतिकूल परिस्थितियां और हवा की कम गति प्रदूषण को बढ़ा सकती हैं। दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल से भी स्थिति और खराब होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही कोयले और लकड़ी जलाने से परहेज करने तथा खुले में कचरा न जलाने की अपील की गई है।