राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी यातायात पाबंदियों का असर बाजारों के कारोबार पर पड़ने लगा है। त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारियों का कहना है कि सड़कों पर बैरिकेडिंग, ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कनॉट प्लेस, खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के कई व्यापारिक इलाकों में दुकानदारों ने कारोबार प्रभावित होने पर चिंता जताई है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रदर्शन के कारण पहले से खरीदा गया त्योहारों का सामान समय पर नहीं बिक पा रहा। दूसरी ओर, किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार बने हुए हैं। ऐसे में कारोबारियों को आर्थिक नुकसान के साथ पूंजी फंसने का भी डर सता रहा है।

कनॉट प्लेस में ग्राहकों की आवाजाही घटी

शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। दुकानें खुली होने के बावजूद बाजार में खरीदारों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी कम बताई गई। कारोबारियों के मुताबिक, सप्ताहांत में आम तौर पर बिक्री अच्छी रहती है, लेकिन इस बार प्रतिबंधों और प्रदर्शन की आशंका ने ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित की। वेंगर्स से जुड़े एक प्रतिनिधि ने बताया कि बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में बेहद कम ग्राहक दिखाई दिए। वहीं, हर साल पारंपरिक उत्पाद बेचने के लिए गुजरात से आने वाली एक महिला विक्रेता ने भी निराशा जताई। उनके मुताबिक, परिवार ने इस बार दिल्ली नहीं आने की सलाह दी थी, लेकिन यहां पहुंचने के बाद भी ग्राहक बहुत कम मिले।

बिक्री में भारी गिरावट का दावा

कनॉट प्लेस और खान मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि लगातार प्रदर्शनों और आवाजाही पर लगी पाबंदियों से बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुछ कारोबारियों ने बिक्री सामान्य स्तर के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत तक रह जाने का दावा किया है। व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस को पत्र भेजकर प्रमुख बाजारों में विरोध प्रदर्शनों के आयोजन पर पुनर्विचार करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ बाजारों तक आम जनता की पहुंच और व्यापार की निरंतरता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

'कनॉट प्लेस हमारा कार्यस्थल है'

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस को प्रदर्शन स्थल के रूप में इस्तेमाल न करने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में प्रदर्शन होने से दुकानदारों और अन्य कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव के अनुसार, लगातार हो रहे आयोजनों और यातायात प्रतिबंधों के कारण कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को किराया, स्टाफ का वेतन और संपत्ति कर जैसे खर्च समय पर चुकाने पड़ते हैं, जबकि ग्राहकों की कमी से आमदनी घट रही है।

खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के बाजार भी प्रभावित

व्यापारियों के मुताबिक, परेशानी केवल कनॉट प्लेस तक सीमित नहीं है। खान मार्केट सहित पुरानी दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली और भागीरथ पैलेस जैसे बड़े कारोबारी केंद्र भी ट्रैफिक जाम और रास्तों पर पाबंदियों से प्रभावित हो सकते हैं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि कई प्रवेश मार्गों पर प्रतिबंधों के कारण ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में दिक्कत हुई। वहीं, दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने अपने पत्र में कहा कि इन बाजारों में देश के अलग-अलग हिस्सों से खरीदार आते हैं। आवाजाही बाधित होने से स्थानीय दुकानदारों के साथ थोक कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।