Uttar Pradesh Electoral Rolls : भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान (SSR-2027) को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने आदेश दिया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन से लेकर अंतिम सूची जारी होने तक इस काम से जुड़े किसी अधिकारी या कर्मचारी का तबादला बिना चुनाव आयोग की पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम बिना किसी बाधा पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

सीधे चुनाव आयोग के डेपुटेशन पर रहेंगे अफसर

आयोग ने साफ किया है कि मतदाता सूची की तैयारी, संशोधन और पुनरीक्षण में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी अवधि के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के ही डेपुटेशन पर माने जाएंगे। यानी वे सीधे चुनाव आयोग के नियंत्रण, देखरेख और अनुशासन के तहत काम करेंगे। दिशा-निर्देशों में अनिवार्य किया गया है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) जैसे प्रमुख पद किसी भी स्थिति में खाली नहीं छोड़े जाएंगे।

उत्तर प्रदेश पर विशेष असर 

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी और विधानसभा सीटों वाला राज्य है, इसलिए यहां मतदाता सूची का सटीक होना बेहद महत्वपूर्ण है। यूपी के विशाल प्रशासनिक ढांचे को देखते हुए चुनाव आयोग का यह कदम काफी अहम माना जा रहा। अधिकारियों के तबादले पर रोक लगने से राज्य के सभी जिलों में वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम बिना किसी प्रशासनिक फेरबदल के तेजी से पूरा हो सकेगा। इससे नए युवाओं का नाम जोड़ने, पते में सुधार और नाम हटाने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी।

SSR-2027 का पूरा शेड्यूल और टाइमलाइन

2 नवंबर 2026 तक : मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और रेशनलाइजेशन पूरा किया जाएगा।

12 नवंबर 2026 : एकीकृत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक : जनता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेगी।

28 दिसंबर 2026 तक : दर्ज आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।

4 जनवरी 2027 : अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

यूपी समेत 17 राज्यों में पहला चरण शुरू

चुनाव आयोग ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के साथ कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू की है। इनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, पुडुचेरी शामिल हैं।

बाकी राज्यों का शेड्यूल बाद में होगा जारी

जिन राज्यों में SIR हाल में खत्म हुआ या चल रहा है-जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा-वहां SSR-2027 के लिए अलग से तारीखों की घोषणा होगी। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे प्रदेशों में मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रख कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाना है।