मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्रि के दौरान रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया। शीतला माता मंदिर के पास धान से भरा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 40 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो घटनास्थल पर ड्यूटी कर रहे थे।
बैरिकेड तोड़कर ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रात करीब 1:30 बजे छिनोर की तरफ से शीतला माता मंदिर आने वाले मार्ग पर हुआ। नवरात्रि के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। सड़क पर तेज ढलान होने के कारण इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। इसी दौरान धान से लदा ट्रक पुलिस के बैरिकेड पार कर ढलान की ओर बढ़ गया। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रक सड़क पर चल रहे श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में लेते हुए मंदिर के बाहरी गेट और दीवार से टकरा गया। टक्कर के कारण आसपास की दुकानों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ट्रक और गेट के मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और बचाव दलों ने कार्रवाई की। एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन के अनुसार, कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं। कुछ मरीजों की हालत नाजुक बताई गई है। डॉक्टरों ने घायलों की स्थिति का आकलन करने के लिए जरूरी जांचें भी कीं। हादसे की खबर फैलते ही मंदिर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बैरिकेड के बावजूद रास्ते पर कैसे पहुंचा ट्रक?
जिला प्रशासन ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि भारी वाहनों के प्रतिबंध और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद होने के बावजूद ट्रक मंदिर की ओर कैसे पहुंचा। कलेक्टर रुचिका चौहान के मुताबिक, दुर्घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और अन्य सहायता वाहनों को रवाना कर दिया गया था। ट्रक में किसी तकनीकी खराबी की आशंका की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी लगाया गया है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि चालक ने वाहन पर से नियंत्रण कैसे खोया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
नवरात्रि के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही रोकना, ढलान वाले मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी रखना और बैरिकेडिंग को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद जरूरी है। ग्वालियर की इस घटना ने मंदिर मार्ग पर यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल घायलों का उपचार जारी है और प्रशासन दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर रहा है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।