हिमाचल प्रदेश में शनिवार, 17 अक्टूबर की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, तड़के 4 बजकर 36 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 दर्ज की गई। इसका केंद्र शिमला क्षेत्र में था और जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर इसका स्रोत दर्ज किया गया। भूकंप के कारण लोगों में दहशत का माहौल बन सकता था, खासकर सुबह के समय जब अधिकतर लोग अपने घरों में थे। हालांकि, उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने या बड़े स्तर पर संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

शिमला से करीब 40 किलोमीटर दूर था केंद्र

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र शिमला से लगभग 40 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा में था। इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप की तीव्रता और कम गहराई के कारण आसपास के क्षेत्रों में झटके महसूस किए जाने की संभावना रहती है।

फिलहाल नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं

भूकंप के बाद नुकसान और जनहानि से जुड़ी जानकारी पर नजर रखी जा रही है। शुरुआती उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति को लेकर प्रशासन या संबंधित विभागों की ओर से जारी होने वाले अपडेट महत्वपूर्ण होंगे। भूकंप के बाद यदि किसी इमारत में दरारें दिखाई दें या संरचना को नुकसान पहुंचा हो, तो वहां जाने से बचना चाहिए। झटके महसूस होने पर मजबूत मेज के नीचे सिर और गर्दन को ढककर सुरक्षित रहना चाहिए और खिड़कियों तथा भारी सामान से दूरी बनाए रखनी चाहिए।