देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। वहीं, हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह और रात के तापमान में गिरावट के साथ ही ठंड का अहसास बढ़ने लगा है।

हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी की खबर है। मनाली, धर्मशाला और आसपास के निचले इलाकों में बारिश से पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17-18 अक्टूबर के साथ 21-22 अक्टूबर को भी बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचे इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी भारी वर्षा का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का जोखिम भी बताया गया है।

पंजाब और राजस्थान में छिटपुट बारिश के आसार

उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ और आसपास के वायुमंडलीय सिस्टम मौसम में बदलाव की वजह बन रहे हैं। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

दिल्ली-NCR में बादल, बारिश की संभावना कम

दिल्ली-NCR में शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, जबकि बारिश की संभावना कम बताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट के साथ ही ठंड का असर बढ़ने की संभावना है। वहीं, भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन संभावित सड़कों और ऊंचाई वाले मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे रुकने से बचना भी जरूरी है।