भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज पूनम राउत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 37 वर्षीया पूनम राउत ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने संन्यास के फैसले की जानकारी दी। 12 साल से भी अधिक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद उन्होंने खेल को अलविदा कह दिया। पूनम ने आखिरी बार साल 2021 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। पूनम राउत ने अपने भावुक संदेश में भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने के बचपन के सपने से लेकर देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने तक के अपने शानदार सफर को याद किया। उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उनके करियर के दौरान उनका साथ दिया और उन पर भरोसा किया।

सोशल मीडिया पर संन्यास का ऐलान किया

पूनम ने अपने संदेश में बताया कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक रहा। उनके मुताबिक, क्रिकेट ने उन्हें केवल करियर ही नहीं दिया, बल्कि पहचान, उद्देश्य और एक परिवार भी दिया। उन्होंने अपने सफर में मिले समर्थन के लिए साथियों, कोचों, प्रशंसकों और अन्य सहयोगियों का धन्यवाद किया। पूनम ने यह भी संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद भी इस खेल से उनका जुड़ाव बना रहेगा और वह क्रिकेट को कुछ लौटाने की दिशा में काम करना चाहती हैं।

2009 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

पूनम राउत ने 2009 में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय—तीनों प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व किया।

उनके अंतरराष्ट्रीय आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • टेस्ट: 4 मैच, 264 रन
  • वनडे: 73 मैच, 2,299 रन
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय: 35 मैच, 719 रन
  • कुल रन: 3,282
  • अंतरराष्ट्रीय शतक: 4

पूनम ने वनडे में तीन और टेस्ट क्रिकेट में एक शतक लगाया। वह शीर्ष क्रम में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने के लिए जानी जाती थीं।

2017 महिला विश्व कप फाइनल में खेली थी अहम पारी

पूनम राउत के करियर के यादगार पलों में 2017 महिला वनडे विश्व कप का फाइनल प्रमुख रहा। इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए खिताबी मुकाबले में उन्होंने 86 रन बनाए थे। हालांकि, भारतीय टीम रोमांचक मुकाबले में नौ रन से हार गई और विश्व कप जीतने से चूक गई। इस टूर्नामेंट में पूनम ने कुल 381 रन बनाकर भारत के फाइनल तक पहुंचने में अहम योगदान दिया था। आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने शतक भी लगाया था। उस मुकाबले में पूनम और दीप्ति शर्मा ने पहले विकेट के लिए 320 रन की साझेदारी की थी, जो महिला वनडे क्रिकेट की ऐतिहासिक साझेदारियों में गिनी जाती है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

पूनम राउत ने साल 2021 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था, जिसके बाद वह भारतीय टीम में वापसी नहीं कर सकीं। लगभग पांच वर्षों तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने के बाद, अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का औपचारिक फैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2021 के पिंक-बॉल टेस्ट में भी उनका एक खास पल चर्चा में रहा। उस मुकाबले में गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के पास गई थी। अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया, लेकिन पूनम खुद मैदान से बाहर चली गईं। उनके इस कदम को खेल भावना की मिसाल के तौर पर सराहा गया था।

अब क्रिकेट को कुछ लौटाने की है इच्छा

अपने संदेश में पूनम ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त होने के बावजूद क्रिकेट के प्रति उनका लगाव कायम रहेगा। उन्होंने अपने अगले सफर को उस खेल को कुछ लौटाने से जोड़ा, जिसने उन्हें पहचान और जीवन के यादगार अनुभव दिए। उनकी विदाई के साथ भारतीय महिला क्रिकेट की उस खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत हो गया, जिसने एक दशक से अधिक समय तक टीम के लिए योगदान दिया और 2017 विश्व कप अभियान में अपनी बल्लेबाजी से खास छाप छोड़ी।