पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ ने उत्सव के माहौल को अचानक मातम में बदल दिया। इस हादसे में शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के दौरान संकरे प्रवेश और निकास द्वार, पर्याप्त रोशनी की कमी, तेज बारिश और भारी भीड़ को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

डेढ़ घंटे तक कतार में खड़े रहे श्रद्धालु

हादसे में प्रभावित एक परिवार के सदस्य ने बताया कि पंडाल में प्रवेश के लिए लंबी कतार लगी हुई थी। लोगों को करीब डेढ़ घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान बारिश शुरू हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं में जल्द से जल्द पंडाल के भीतर पहुंचने की होड़ बढ़ गई।चश्मदीद के अनुसार, प्रवेश और निकास के रास्ते काफी संकरे थे और आसपास रोशनी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं था। भीड़ के दबाव के बीच कुछ लोग गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिरने लगे। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। 

अंधेरे में गिरे लोग, मदद के लिए करना पड़ा संघर्ष

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के दौरान एक बच्ची और एक लड़का गिर गए थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उनके ऊपर कई लोग गिर पड़े। चश्मदीद ने खुद भी गिरने और फिर किसी तरह उठकर बाहर निकलने की बात कही। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, भगदड़ के दौरान कई लोग बेहोश हो गए। कुछ घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मोटरसाइकिलों की मदद लेनी पड़ी। इन बयानों से हादसे के समय मौके पर मची अफरा-तफरी और लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही हुई थी या नहीं, यह जांच का विषय है। 

बारिश के चलते बढ़ा भीड़ का दबाव

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत शारदा पार्क स्थित पूजा पंडाल के निकास द्वार के पास भीड़ का दबाव बढ़ गया। बारिश शुरू होने के बाद बाहर इंतजार कर रहे लोग आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान कुछ लोग गिर गए और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अफरा-तफरी के दौरान पंडाल का एक हिस्सा भी ढह गया। पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन दल और चिकित्सा टीमों को राहत कार्य में लगाया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और पंडाल में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया। 

मुख्यमंत्री अस्पताल पहुंचे, ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल घायलों की स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे। वहीं, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी घटना पर दुख जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित प्रवेश-निकास, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता के महत्व को फिर सामने ला दिया है। घटना के कारणों और संभावित चूकों की जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।