UP Police Transfer News : राजधानी लखनऊ में शिवा हत्याकांड के बाद पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हत्या की मुख्य आरोपी 50 हजार की इनामी श्रद्धा दुबे ने अकेले पूरी पुलिस टीम को पसीना ला दिया है। कभी नेपाल बॉर्डर पर उसकी मौजूदगी की खबर सामने आती है तो कभी वह खुलेआम मीडिया को इंटरव्यू देकर पुलिस की क्षमता को ठेंगा दिखाती नजर आ रही। पुलिस की इस नाकामी और किरकिरी के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है।
डीएसपी विक्रांत दुबे पर गिरी गाज और चार एसीपी के बदले कार्यक्षेत्र
श्रद्धा दुबे का मीडिया इंटरव्यू सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की भारी फजीहत हुई, जिसके तुरंत बाद डीएसपी विक्रांत दुबे को उनके पद से हटा दिया गया। इसके अलावा कमिश्नरेट में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए चार एसीपी के कार्यक्षेत्रों में फेरबदल किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:-
अभिषेक पांडे : इन्हें राजधानी के संवेदनशील इलाके एसीपी हजरतगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रजनीश वर्मा : इन्हें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसीपी क्राइम बनाया गया है।
गौरव उपाध्याय : इन्हें एसीपी कैसरबाग पद पर तैनात किया गया है।
अंकित कुमार : इन्हें एसीपी महानगर की जिम्मेदारी के साथ एसीपी ऑफिस का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नेपाल बॉर्डर से मीडिया इंटरव्यू तक का पूरा घटनाक्रम
शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद जब पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर की तलाश शुरू की, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस के हाथ डालने से पहले ही श्रद्धा नेपाल सीमा में दाखिल हो चुकी थी। नेपाल बॉर्डर के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में उसे ई-रिक्शा से यात्रा करते हुए साफ देखा गया था। इतना ही नहीं, बहराइच बॉर्डर के पास से उसकी एक लावारिस स्कॉर्पियो एन गाड़ी भी बरामद की गई थी। अभी पुलिस उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में ही जुटी थी कि श्रद्धा ने मीडिया के सामने आकर इंटरव्यू दे दिया। इस दुस्साहसिक कदम ने लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए। अब पुलिस महकमे के भीतर इस बात की भी सुगबुगाहट तेज हो गई है कि श्रद्धा दुबे चुपचाप भारत की सीमा में लौट आई है और जल्द कानूनी प्रक्रिया के तहत सरेंडर करने की योजना बना रही।
AI समेत अन्य तकनीक की मदद ले रही पुलिस
तकनीकी सर्विलांस और एआई सर्विलांस का उपयोग : इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की धर-पकड़ के लिए अब एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टूल्स को और अधिक सक्रिय कर दिया है, ताकि आरोपियों की ऑनलाइन गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके।
बॉर्डर सिक्योरिटी में कसावट : नेपाल और यूपी की सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त बढ़ाई है। आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन की गहन जांच की जा रही, जिससे अपराधी दोबारा देश छोड़कर भागने में सफल न हो सकें।