Manipur Violence News : मणिपुर में फिर हिंसा की दर्दनाक और दहला देने वाली घटना सामने आई है। इसने पूरे राज्य में तनाव को और अधिक बढ़ाया है। आज सुबह जब कुछ ग्रामीण जंगल में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गए थे तो उन पर घात लगाकर बैठे उग्रवादियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस क्रूर हमले में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई। उनकी शिनाख्त 35 वर्षीय अरुबम रोनिल और 51 वर्षीय लैरेनलाकपाम इनओबी के रूप में हुई है। 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। 3 लोग लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही। 

पहाड़ियों पर लकड़ी लेने गए लोगों पर हमला

अधिकारियों के मुताबिक यह खौफनाक वारदात इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास स्थित नोंगमशुम गांव से कुछ मीटर दूर कांगपोकपी के खोंगबाल सुनुरोक उयोके क्षेत्र में हुई। सुबह 7 बजे 16 ग्रामीणों का एक समूह गांव के पास की पहाड़ियों पर लकड़ी लेने गया था, तभी उन पर यह हमला किया गया।

मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखा गया शव और सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई

इस हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने दोनों मृतकों के शवों को उठाया और प्रदर्शन कर सीधे इंफाल में मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आधिकारिक बंगले के बाहर मुख्यगेट पर लाकर रख दिया। मुख्यमंत्री आवास के बाहर अचानक शवों के पहुंचने से वहां तैनात सुरक्षाकर्मी और अधिकारी पूरी तरह हैरान रह गए। स्थिति को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागने पड़े। वैसे, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि जब यह हंगामा और प्रदर्शन चल रहा था, तब मुख्यमंत्री अपने आवास के अंदर मौजूद थे या नहीं। भारी सुरक्षा के बीच बाद में दोनों शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) भेज दिया गया।

आम लोगों में भारी रोष

बता दें, मणिपुर में लंबे समय से जातीय और अंदरूनी अशांति के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों और प्रशासन के बीच लगातार तनाव बना है। इस ताजा घटना ने फिर घाटी तथा पहाड़ी जिलों की सीमाओं पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। इससे जनता में भारी रोष और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।