Maulana Shahabuddin Razvi On Akhilesh Yadav : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। सबसे बड़ा सवाल यही बना है कि इस बार मुस्लिम वोटर किसके पाले में जाएगा, क्या यह वोट बैंक पूरी तरह बिखरने वाला है? इसकी सबसे बड़ी वजह है कि इस बार मुस्लिम वोटों पर पकड़ मजबूत करने के लिए कई बड़े दल और नेता मैदान में कूद पड़े हैं। एक तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव M-Y (मुस्लिम-यादव) और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरणों का हवाला देकर मुस्लिम समुदाय को एकमुश्त अपने पक्ष में लाने का दावा कर रहे। दूसरी तरफ मायावती की बसपा, चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM भी इस वर्ग के बीच पैठ बनाने में जुटी हैं। इन सबके बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी अखिलेश से मुस्लिम समुदाय की नाराजगी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा रहे। उन्होंने अखिलेश द्वारा जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करने के फैसले को भी इसी राजनीतिक मजबूरी से जोड़ दिया है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने अखिलेश पर क्या कहा?

मौलाना शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब रामपुर जेल जाकर 370 दिनों से बंद वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने वाले हैं, लेकिन इसके पीछे उनका असली मकसद राजनीति है। मौलाना का कहना है कि अखिलेश यह कदम उनकी तरफ से बनाए गए लगातार दबाव के कारण उठा रहे और उन्हें मजबूरन रामपुर जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से अलग-अलग मंचों से यह बात उठाते रहे हैं कि जब आजम खान सबसे बुरे दौर से गुजर रहे थे, तब अखिलेश यादव उनके साथ खड़े तक नहीं हुए।

आजम खान ने सींचा, पर अब कोई नहीं मानता: मौलाना

मौलाना ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि आजम खान ने अपनी खून-पसीने की मेहनत से समाजवादी पार्टी को खड़ा किया। पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। लेकिन चूंकि विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इसलिए मुसलमानों को रिझाने के लिए अखिलेश को उनकी याद आ रही है। मौलाना ने दावा किया कि अखिलेश यादव बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। एक जमाना था जब मुसलमान आजम खान की बात आंख मूंदकर मानते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज के समय में कोई भी मुसलमान उनकी बात पर वोट नहीं देता, बल्कि मतदाता अपने जमीर और समझ के आधार पर फैसला करता है।

'रामपुर का चुनावी नतीजा सबने देखा'

मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उदाहरण देते हुए कहा कि खुद रामपुर में क्या हुआ, यह सबके सामने है। वहां लोकसभा चुनाव में विरोधी दल जीते, खुद आजम खान के गढ़ रामपुर शहर विधानसभा सीट पर उनके विरोधी की जीत हुई। अब्दुल्ला आजम की स्वार सीट पर भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। आज भी आजम खान का जलवा कायम होता तो ऐसे चुनावी नतीजे कभी नहीं आते। उनके परिवार और समर्थकों ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन भाजपा को हराने में नाकाम रहे। इसी आधार पर मौलाना का कहना है कि अब आजम खान का जादू पूरी तरह खत्म हो चुका है।

जेल में मुलाकात पर तीखा तंज

अखिलेश यादव के रामपुर जेल जाने पर तंज कसते हुए मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि इस मुलाकात के जरिए सपा प्रमुख पूरे प्रदेश के मुसलमानों को एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं और उन्हें अपने पाले में लुभाना चाहते हैं। लेकिन अब समुदाय इन बहकावे में आने वाला नहीं है। 

रामपुर की जनता और आजम खान के पुराने समर्थक

अब अखिलेश यादव की इस यात्रा के बारे में यही कह रहे हैं-बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते। मौलाना ने आगे शेर के अंदाज में तंज कसते हुए कहा कि जब अखिलेश यादव रामपुर से वापस लौटेंगे तो उनके दिल की स्थिति यही होगी-बड़े आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले। उन्होंने कहा कि पहले का दौर अलग था और आज की राजनीतिक परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। मौलाना ने दावा किया कि आज की तारीख में आम मुसलमान समाजवादी पार्टी से बेहद खफा और नाराज है, इसलिए इस तरह की ड्रामेबाजी और मुलाकातों का आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।