मशहूर सोशल मीडिया क्रिएटर साहिबा बाली को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर पड़ रहा है। कोई उन्हें धमकिया दे रहा है तो कोई गाली। अब साहिबा बाली का इनबॉक्स भद्दी गलियों से भर चुका है। एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से कुछ स्क्रीनशॉट शेयर कर दिखाया है लोग जिस हद तक गिरकर उन्हें गंदी-गंदी बातें लिख रहे हैं। साहिबा बाली अब इन सबसे परेशान हो गई हैं और अब उन्होंने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए बयान जारी किया है। 

साहिबा बाली को हुई सेफ्टी की चिंता 

साहिबा बाली ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'इस साल बिना किसी वजह के बहुत कुछ सुना। मैं किसी तरह की नरफत का साथ नहीं देती। हो सकता है कि कुछ नैरेटिव बनाए गए हों- मैं मतभेदों को हमदर्दी से सुलझाती हूं, न कि लोगों को बांटकर। उम्मीद है कि वो भी ऐसा कर सकते हैं। इस दुनिया में बहुत हेट है। अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत अपनी रोजी-रोटी और सेफ्टी को खतरे में डालना है। सच कहूं, मेरा हो गया। वो जीत गए, मैं हार गई। मुझे माफ कर दो।'

पॉलिटिकल पार्टी को लेकर बताई अपनी चॉइस 

साहिबा बाली ने अपनी अगली पोस्ट में लिखा, 'जाते-जाते ये बता दूं: कुछ कहूं, तो गाली। कुछ न बोलूं, तो गाली। सरकार के खिलाफ असहमति जताऊं, तो गाली। सरकार की तारीफ करूं, तो गाली। मैं BJP सपोर्टर नहीं हूं- लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी मेरे फेवरेट पॉलिटिशियन हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस एक कमजोर विपक्ष है- लेकिन 1991 के आसपास हमारी अर्थव्यवस्था के लिए मनमोहन सिंह सबसे अच्छी चीज साबित हुए। मैं सुप्रीम कोर्ट और CJI की रिस्पेक्ट करती हूं। मैं RSS को सपोर्ट नहीं करती। मैंने दिल्ली में AAP को सपोर्ट किया था।'

CJP को लेकर क्या बोलीं साहिबा बाली?

साहिबा बाली आगे लिखा, 'अब मैं किसका सपोर्ट करूं? ये मेरा वोट तय करेगा, न कि अजनबियों की गालियां या उनका डर। मैं मुस्लिम नहीं हूं- लेकिन मैं जानती हूं कि वो भी उतने ही भारतीय हैं, न कि सीमा पार से आए हुए। मैं हिंदू हूं- मैं खुद को प्रोटेक्ट करने के लिए रुद्राक्ष पहनती हूं और शिवजी की शक्ति पर विश्वास रखती हूं। मैं सिख हूं, आभार व्यक्त करने के लिए गुरुद्वारे जाती हूं। मैं क्रिमिनल्स के अलावा किसी से नफरत नहीं करती। मुझे लगता है ​​है कि रेपिस्ट को मौत की सजा मिलनी चाहिए। मुझे लगता है कि CJP एक प्रेशर ग्रुप है- इससे ज्यादा कुछ नहीं। मुझे ये भी लगता है कि दिल्ली का खाना बॉम्बे से बेहतर है।'