भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपनी आतिशी बल्लेबाजी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने महज 20 गेंदों पर ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। हालांकि, उनकी तेज पारी भारत को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही, लेकिन इस दौरान उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल कर ली। संजू ने अपनी पारी में 23 गेंदों पर 56 रन बनाए। उन्होंने छह चौके और चार छक्के लगाए। इसी दौरान उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में अपने 100 छक्के भी पूरे कर लिए। वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले भारत के छठे बल्लेबाज बन गए हैं।

संजू ने 20 गेंदों में ठोका अर्धशतक

248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को संजू सैमसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने शुरुआती ओवरों से ही वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। संजू ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाते हुए रन गति को बनाए रखा और सिर्फ 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय टीम ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बटोरे। संजू ने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। वह 23 गेंदों पर 56 रन बनाकर आउट हो गए।

टी20 अंतर्राष्ट्रीय में 100 छक्के लगाने वाले छठे भारतीय

संजू सैमसन ने अपनी पारी के दौरान शमर जोसेफ की गेंद पर छक्का लगाकर टी20 इंटरनेशनल में छक्कों का शतक पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने इस फॉर्मेट में 100 या उससे ज्यादा छक्के लगाए हैं। भारत की ओर से इस सूची में रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा, हार्दिक पंड्या और विराट कोहली पहले से शामिल हैं। संजू अब इस खास क्लब का हिस्सा बन गए हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी टी20 क्रिकेट में बड़े शॉट खेलने की क्षमता को दर्शाती है।

संजू का सबसे तेज अर्धशतक, पिछले रिकॉर्ड की बराबरी

चौथ टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ 20 गेंदों का अर्धशतक संजू सैमसन के टी20 इंटरनेशनल करियर का संयुक्त रूप से सबसे तेज अर्धशतक है। उन्होंने इससे पहले भी 20 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। इस पारी की बदौलत संजू ने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। संजू के लिए यह पारी इसलिए भी खास रही, क्योंकि उन्होंने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव के बावजूद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उनके आउट होने के बाद भारतीय टीम को लगातार विकेट गंवाने पड़े और लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो गया।