पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। हमले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई और नुकसान का आकलन शुरू किया गया। दम्माम में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। घटना के बाद हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। कुछ विमानों को उनके तय रास्तों से हटाकर दूसरे मार्गों पर भेजा गया, ताकि यात्रियों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हमले के पीछे किसका हाथ, जांच जारी
इस हमले को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है। शक की सुई हूती विद्रोहियों की तरफ घूम रही है और इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन संगठन की ओर से इस घटना पर कोई बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में हमले की परिस्थितियों और इसके पीछे शामिल लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। इस बीच, सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में हुए ड्रोन हमलों ने तनाव और बढ़ा दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, शायबा ऑयल फील्ड को निशाना बनाने आ रहे एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया। उसका मलबा नीचे गिरने से दो विदेशी नागरिकों की जान चली गई। इस घटना में पाकिस्तान और भारत के एक-एक नागरिक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई।
पश्चिम एशिया में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दम्माम एयरपोर्ट की घटना और तेल क्षेत्र के आसपास हुए हमलों के बीच क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अमेरिका ने भी सऊदी अरब में तैनात कुछ गैर-आपातकालीन राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने की सलाह दी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के कारण पश्चिम एशिया में हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले के पीछे की वजह और जिम्मेदार पक्ष को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।