SBI Home Loan Interest Rate : आपने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से घर के लिए होम लोन ले रखा या नया लोन लेने का मन बना रहे तो अब आपकी मासिक किस्त (EMI) का बजट बिगड़ने वाला है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने होम लोन की ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है। बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट (EBLR) में 0.25 फीसदी यानी 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। बैंक के मुताबिक यह नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से प्रभावी है। ईबीएलआर बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों की जेब और उनकी प्रतिमाह कटने वाली ईएमआई पर पड़ेगा।
ईएमआई पर कितना पड़ेगा असर?
ब्याज दर में बदलाव का आपकी जेब पर कितना असर होगा, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपका कितना लोन बकाया है, वर्तमान में ब्याज दर कितनी है, रीसेट की तारीख क्या है और बैंक के अनुबंध में कौन-सी शर्तें तय हैं।
इसे एक उदाहरण से समझिए
मानें किसी ने 50 लाख रुपए का होम लोन 20 साल के लिए लिया है। उसकी मौजूदा ब्याज दर 8 प्रतिशत है। उसकी ब्याज दर बढ़कर 8.25 प्रतिशत होती है तो उसकी मासिक ईएमआई में 781 रुपए की सीधी बढ़ोतरी हो जाएगी। देखने में यह 781 रुपए की रकम भले बहुत छोटी लगे, लेकिन जब आप पूरे 20 साल की अवधि का हिसाब लगाएंगे तो यह मामूली सा अंतर लाखों रुपए का भारी भरकम अतिरिक्त बोझ बन जाता है।
EBLR बढ़कर हुआ 8.15 फीसदी
एसबीआई द्वारा ईबीएलआर में 0.25 फीसदी का इजाफा किए जाने के बाद यह दर 7.90 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 8.15 प्रतिशत पर पहुंच गई है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर एक लोनधारक को ठीक 8.15 प्रतिशत की दर से लोन मिलेगा। दरअसल, ग्राहक को ऑफर की जाने वाली अंतिम ब्याज दर में ईबीएलआर के अलावा बैंक का क्रेडिट रिस्क प्रीमियम और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ते हैं। यह प्रीमियम अलग-अलग ग्राहकों की सिबिल रेटिंग, पात्रता और लोन की शर्तों के आधार पर भिन्न हो सकता है। इसलिए एसबीआई के सभी होम लोन ग्राहकों को अपने लोन खाते में जाकर चालू ब्याज दर की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए।
15 अक्टूबर से लागू एसबीआई होम लोन की नई दरें
बैंक के अनुसार 15 अक्टूबर से लागू एसबीआई होम लोन प्रोडक्ट्स की स्थिति कुछ इस प्रकार रहने वाली है।
30 लाख से 1 करोड़ तक के लोन पर कितनी बढ़ेगी EMI?
ब्याज दरों में केवल 0.25% वृद्धि सुनने में बहुत छोटी लग सकती है, लेकिन लंबी अवधि के लिए लिए गए बड़े लोन पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से झलकता है।
30 लाख का लोन (20 साल के लिए) : ब्याज दर 8% से बढ़कर 8.25% होने पर EMI में 469 रुपए की बढ़ोतरी होगी।
50 लाख का लोन (20 साल के लिए) : ब्याज दर 8.25% होने पर हर महीने 781 रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे।
80 लाख का लोन (20 साल के लिए) : मासिक किस्त में 1250 रुपए का इजाफा देखने को मिलेगा।
1 करोड़ का लोन (20 साल के लिए) : आपकी मासिक EMI में 1562 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी होगी।
20 साल में कितना अतिरिक्त ब्याज निकलेगा?
यदि हम ऊपर दिए गए उदाहरणों में लोन की समयावधि 20 साल रखें और केवल बढ़ी हुई ईएमआई का भुगतान करें तो कुल मिलाकर आपको बैंक को भारी अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी:-
30 लाख का लोन : 20 वर्षों में कुल मिलाकर 1.13 लाख अतिरिक्त देने होंगे।
50 लाख का लोन : 20 वर्षों की अवधि में 1.87 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
80 लाख का लोन : 20 साल में 3 लाख ज्यादा जेब से कटेंगे।
1 करोड़ का लोन : पूरी अवधि में 3.75 लाख का अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा।