Priyanka Gandhi And Akhilesh Yadav News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस ने राज्य की उन तमाम विधानसभा सीटों की संभावित सूची तैयार की है, जिन पर वह आगामी चुनाव में उतरना चाहती है। इस पूरी चुनावी रणनीति और मंथन प्रक्रिया पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन को लेकर भी अंदरखाने बातचीत का दौर जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि क्या दोनों दल सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले पर एकमत हो पाएंगे। वैसे, दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहीं, पर यह चुनौतीपूर्ण दिख रही।

प्रियंका के नेतृत्व में हुई बैठक

यूपी चुनाव की तैयारियां तेज करने को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक कल यानी 19 अक्टूबर को प्रियंका ने यूपी कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इसका मुख्य एजेंडा उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करना था, जहां पार्टी की जमीन मजबूत मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने उन सीटों की फाइनल लिस्ट तैयार कर ली है, जिन पर वह अपना दावा ठोकना चाहती है। राज्यभर में पार्टी की संभावनाओं को टटोलने के लिए प्रियंका लगातार नेताओं के साथ मंत्रणा कर रहीं। चर्चा है कि कांग्रेस करीब 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही। वैसे, सीटों का वास्तविक आंकड़ा समाजवादी पार्टी के साथ होने वाली फाइनल मीटिंग और समझौते के बाद ही तय होगा।

सपा के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत की तैयारी

आगामी दिनों में कांग्रेस की तरफ से विशेष टीम गठित किए जाने की संभावना है, जो समाजवादी पार्टी के साथ सीट-बंटवारे के मुद्दों पर औपचारिक चर्चा करेगी। तय योजना के तहत दोनों दल सबसे पहले उन सीटों की सूचियां आपस में साझा करेंगे, जहां से वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के नेता आमने-सामने बैठकर अपने-अपने दावों पर मंथन करेंगे। एक ऐसा सर्वमान्य फॉर्मूला निकालेंगे, जो दोनों दलों को स्वीकार हो। विपक्षी गठबंधन के लिहाज से यह सीट-बंटवारा एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है, क्योंकि कांग्रेस राज्य में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी यूपी में अपनी सियासी बादशाहत और दबदबा बरकरार रखना चाहती है।

अखिलेश यादव का जीत का फॉर्मूला बना चुनौती

भले दोनों दल गठबंधन के पक्ष में हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा बेहद पेचीदा और उलझा हुआ मुद्दा बन गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा केवल तुंरत के समझौते के आधार पर नहीं, बल्कि चुनावी ताकत और जमीन पर जीत की संभावना के आधार पर होना चाहिए। उनका साफ कहना है कि जिस दल या उम्मीदवार के जीतने के चांस सबसे ज्यादा होंगे, उस सीट पर उसी का पहला हक माना जाना चाहिए।

क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों में तालमेल बिठाना मुश्किल

हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और विश्लेषकों के अनुसार यूपी के आगामी राजनीतिक समीकरणों में क्षेत्रीय दलों तथा राष्ट्रीय पार्टियों के बीच तालमेल बिठाना बेहद कठिन हो रहा है। हाल में संपन्न हुए अन्य राज्यों के चुनावों के नतीजों को देखते हुए समाजवादी पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सीटों के बंटवारे में किसी तरह की कमजोरी न रहे, जिससे एनडीए गठबंधन के खिलाफ मजबूत और एकजुट विपक्षी चेहरा मैदान में उतारा जा सके। कांग्रेस भी अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए रैलियों और बैठकों का दौर चला रही।