उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए आज, 23 अक्टूबर को मतदान हो रहा है। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं। करीब 14.81 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। 

72 जिलों में बनाए गए 2,697 मतदान केंद्र

चुनाव के लिए कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के सभी 72 जिलों में कुल 2,697 मतदान स्थल बनाए गए हैं। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए 11 पर्यवेक्षक, 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 456 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। मतदान कार्य में 12,309 कर्मचारी लगाए गए हैं। 

बीजेपी और सपा के बीच सीधा मुकाबला

विधान परिषद चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने सभी 11 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, निर्दलीय और बागी प्रत्याशी कई सीटों पर मुकाबले को दिलचस्प बना सकते हैं। यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों की राजनीतिक ताकत का आकलन करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

किन सीटों पर हो रहा है चुनाव?

इस बार पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हो रहा है।

- स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी।

- शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद। 

वाराणसी स्नातक सीट पर सबसे अधिक 24 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। लखनऊ स्नातक सीट पर 16 उम्मीदवार हैं। 

 बैलेट पेपर से मतदान, NOTA का विकल्प नहीं

इन चुनावों में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवारों के सामने प्राथमिकता क्रम में अंक लिखना होगा। पहली पसंद के लिए '1' लिखना अनिवार्य है। मतपत्र पर निशान लगाने के लिए मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराया गया बैंगनी स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाएगा। इस चुनाव में NOTA का विकल्प नहीं है। 

वोटर कार्ड नहीं है तो इन दस्तावेजों से कर सकेंगे मतदान

मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध नहीं होने पर निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए पहचान साबित की जा सकती है। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और निर्धारित सरकारी या संस्थागत पहचान पत्र शामिल हैं। मतदाताओं को मतदान केंद्र पर जाने से पहले मान्य दस्तावेज साथ रखने चाहिए। अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर रहेंगी, जिनसे विधान परिषद की इन 11 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।