महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 के मिनी ऑक्शन से पहले सभी पांच फ्रेंचाइजी ने अपने रिटेन किए गए खिलाड़ियों की सूची तय कर ली है। अब टीमों की नजर उन खिलाड़ियों पर होगी, जो उनके स्क्वॉड की कमियों को दूर कर सकते हैं। खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर 2026 को कोच्चि में होगी। रिटेंशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांचों टीमों ने कुल 63 खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखा है। इनमें 23 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। अब ऑक्शन में 27 स्थान भरे जाने बाकी हैं, जिनमें सात विदेशी खिलाड़ियों के स्लॉट हैं। सभी टीमों के पास मिलाकर 8.15 करोड़ रुपये का बजट बचा है।

यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा पर्स

यूपी वॉरियर्स मिनी ऑक्शन में सबसे ज्यादा 3.65 करोड़ रुपये के साथ उतरेगी। टीम के पास सात स्लॉट खाली हैं, जिनमें दो विदेशी खिलाड़ियों की जगह शामिल है। अन्य टीमों की तुलना में बड़ा पर्स (बजट) होने के कारण यूपी वॉरियर्स के पास अपने स्क्वॉड में नए खिलाड़ियों को जोड़ने और टीम को मजबूत करने की काफी गुंजाइश होगी। टीम ने नीलामी से पहले दीप्ति शर्मा, मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड और सोफी एक्लेस्टोन जैसे स्टार खिलाड़ियों को अपने साथ बरकरार (रिटेन) रखा है। ऑक्शन में उसकी रणनीति ऐसे खिलाड़ियों को जोड़ने की हो सकती है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उपयोगी साबित हों। सात खाली स्लॉट भरने के लिए टीम को बजट का संतुलित इस्तेमाल करना होगा।

गुजरात जायंट्स: तीन स्लॉट और 1.25 करोड़ रुपये

गुजरात जायंट्स ने पांचों टीमों में सबसे ज्यादा 15 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। उसके पास 1.25 करोड़ रुपये का बजट और केवल तीन खाली स्लॉट हैं। इनमें एक विदेशी खिलाड़ी की जगह भी शामिल है। टीम के पास एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, जॉर्जिया वेयरहैम और सोफी डिवाइन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। इसलिए गुजरात को बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की जरूरत नहीं है। टीम के लिए अहम होगा कि वह उपलब्ध स्लॉट में ऐसे विकल्प चुने, जो मौजूदा संयोजन को और मजबूत कर सकें।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: 1.15 करोड़ रुपये का बजट

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 1.15 करोड़ रुपये बचे हैं और उसे पांच स्लॉट भरने हैं। इनमें दो विदेशी खिलाड़ियों की जगह उपलब्ध है। टीम ने स्मृति मंधाना, एलिस पेरी, ऋचा घोष और राधा यादव जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को रिटेन किया है। अब आरसीबी को सीमित बजट में ऐसे खिलाड़ी चुनने होंगे, जो टीम को अतिरिक्त गहराई दें। विदेशी स्लॉट का सही इस्तेमाल भी उसकी नीलामी रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।

दिल्ली कैपिटल्स: पांच खिलाड़ियों की जगह खाली

दिल्ली कैपिटल्स के पास 1.10 करोड़ रुपये का पर्स बचा है। टीम ने 13 खिलाड़ियों को रिटेन किया है और उसके पांच स्लॉट खाली हैं। इनमें एक विदेशी खिलाड़ी का स्थान शामिल है। जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, मारिजेन कैप और एनाबेल सदरलैंड जैसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा बने हुए हैं। दिल्ली को नीलामी में अपनी बेंच मजबूत करने और जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी के विकल्प तलाशने पर ध्यान देना होगा।

मुंबई इंडियंस के पास सात स्लॉट, लेकिन बजट सिर्फ एक करोड़

मुंबई इंडियंस के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम बजट में सात खाली स्लॉट भरने की होगी। टीम के पास सिर्फ एक करोड़ रुपये शेष हैं, जबकि विदेशी खिलाड़ी का एक स्लॉट उपलब्ध है। मुंबई ने हरमनप्रीत कौर, नैट स्किवर-ब्रंट, हेली मैथ्यूज और अमेलिया केर जैसे अहम खिलाड़ियों को रिटेन किया है। टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों का मजबूत आधार है, लेकिन शेष जगहों को भरने के लिए उसे किफायती विकल्पों पर विचार करना होगा। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर ध्यान देना उसकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

किस टीम की स्थिति सबसे बेहतर?

बजट के लिहाज से यूपी वॉरियर्स सबसे मजबूत स्थिति में है। उसके पास सबसे ज्यादा पैसा और सात खाली स्लॉट हैं। दूसरी ओर, मुंबई इंडियंस के पास भी सात स्लॉट खाली हैं, लेकिन उसका पर्स सबसे कम है। गुजरात जायंट्स के पास सबसे कम तीन स्लॉट हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स और आरसीबी को पांच-पांच जगह भरनी हैं। मिनी ऑक्शन में सिर्फ बड़े नाम खरीदना ही सफलता की गारंटी नहीं होगा। फ्रेंचाइजी को अपने बजट, विदेशी खिलाड़ियों के स्लॉट और टीम की जरूरतों के बीच तालमेल बैठाना पड़ेगा। सही कीमत पर उपयोगी खिलाड़ी चुनने वाली टीम आगामी WPL सीजन के लिए अपनी स्थिति बेहतर कर सकती है।