क्रिकेट की दुनिया में उम्र को लेकर बनी धारणाओं को चिली की इवोन विल्डोसोला ने पूरी तरह बदल दिया है। 70 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और खास बात यह रही कि जिस टीम के लिए वह मैदान पर उतरीं, उसकी कप्तानी उनकी पोती कैमिला ओयार्स कर रही थीं। अप्रैल 2026 में कोस्टा रिका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में डेब्यू करते हुए इवोन ने एक अनोखी मिसाल कायम की।
पोती के कहने पर पहली बार खेला था क्रिकेट
इवोन की क्रिकेट कहानी करीब सात साल पहले शुरू हुई थी। 2019 में चिली के न्युब्ले क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों के लिए एक क्रिकेट कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उस समय उनकी 16 वर्षीय पोती कैमिला भी क्रिकेट खेलती थीं और उन्होंने अपनी दादी को भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए मनाया। इवोन को उस समय क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। शुरुआत में उन्हें लगा था कि वह सिर्फ अपनी पोती के दोस्तों के लिए खाना बनाने के लिए वहां जाएंगी। लेकिन मैदान पर बल्ला हाथ में लेने के बाद उनकी दिलचस्पी बढ़ती चली गई। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को नियमित रूप से खेलना शुरू कर दिया।
पोती की कप्तानी में किया इंटरनेशनल डेब्यू
इवोन ने अप्रैल 2026 में कोस्टा रिका के खिलाफ अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। इस मैच में उन्होंने अपनी पोती कैमिला के साथ पारी की शुरुआत भी की। हालांकि वह अपना खाता नहीं खोल सकीं, लेकिन उनका मैदान पर उतरना ही क्रिकेट इतिहास में खास जगह बनाने के लिए काफी रहा।70 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के साथ इवोन सबसे उम्रदराज सक्रिय क्रिकेटर बन गईं। पेशेवर क्रिकेट के इतिहास में उनसे अधिक उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी भारत के राजा महाराज सिंह हैं, जिन्होंने 1950-51 में 72 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था।
गेंदबाजी नहीं, बल्लेबाजी करना पसंद
इवोन को बल्लेबाजी करना ज्यादा पसंद है। उनका कहना है कि उम्र और जोड़ों से जुड़ी परेशानियों के कारण उनके लिए गेंदबाजी करना आसान नहीं है। इसके बजाय वह बल्लेबाजी को ज्यादा सहज मानती हैं। उनकी टीम में कई खिलाड़ी उनसे करीब 50 साल छोटे हैं, लेकिन इवोन इसे लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करना उनके लिए गर्व और खुशी की बात है। खास तौर पर अपनी पोती की कप्तानी में खेलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है।
परिवार से मिला लगातार हौसला
इवोन की बेटी लोरेटो और पोती कैमिला ने उन्हें क्रिकेट जारी रखने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। जो सफर एक पारिवारिक गतिविधि के तौर पर शुरू हुआ था, वह कुछ ही वर्षों में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक ले गया। इवोन ने यह भी बताया कि उनका मकसद सिर्फ मैदान पर उतरकर खुद को साबित करना नहीं है। वह क्रिकेट के जरिए सक्रिय रहना और खेल का आनंद लेना चाहती हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि खेल शुरू करने के लिए उम्र हमेशा बाधा नहीं होती।