बिहार में अवैध संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान जांच एजेंसी ने योजना एवं विकास विभाग के कार्यकारी अभियंता नारद कुमार दास से जुड़े पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह तलाशी अभियान पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जिलों में चलाया गया। शुरुआती जांच के आधार पर एजेंसी का यह दावा है कि इस इंजीनियर की कुल संपत्ति उनकी वैध आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 64 प्रतिशत अधिक होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। फिलहाल विभिन्न परिसरों में दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच जारी है।

चार जिलों में एक साथ पहुंची EOU की टीमें

EOU की अलग-अलग टीमों ने सुबह एक साथ कई स्थानों पर तलाशी शुरू की। जांच के दायरे में इंजीनियर के आवास और उनसे जुड़े अन्य परिसर शामिल हैं। अधिकारियों की टीम संपत्ति के कागजात, बैंकिंग रिकॉर्ड और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक भागलपुर के तिलकामांझी इलाके में हनुमान पथ स्थित इंजीनियर के आवास पर भी EOU की टीम पहुंची। यहां अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इंजीनियर की घोषित आय और उनके नाम या परिवार से जुड़ी संपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाने पर है।

संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की जांच

तलाशी के दौरान EOU की टीम जमीन-जायदाद से जुड़े कागजात के साथ बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित संपत्तियां किन स्रोतों से अर्जित की गईं और उनकी वैध आय से उनका कितना संबंध है। प्रारंभिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। फिलहाल EOU की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

तलाशी पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई

यह मामला अभी जांच के स्तर पर है। आय से अधिक संपत्ति को लेकर सामने आया 64 प्रतिशत का आंकड़ा प्रारंभिक जांच से जुड़ा है और इसे अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। EOU के अभियान में कुल पांच परिसरों की तलाशी ली जा रही है। इनमें पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। कई जिलों में एक साथ कार्रवाई का उद्देश्य संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों को जुटाना और उनकी आपसी कड़ियों की जांच करना है।