दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तापमान में गिरावट से सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई है। वहीं, बारिश के कारण कई इलाकों में वायु गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। दिल्ली के सभी क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है और कुछ इलाकों में हवा अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच लोगों को ठंडक का एहसास होने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बारिश के बाद बदला दिल्ली-NCR का मौसम
हालिया बारिश के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के कई हिस्सों में तापमान नीचे आया है। बादल छाए रहने और बारिश के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को अक्टूबर के आखिरी दिनों में सर्दी जैसी स्थिति महसूस होने लगी है। दिल्ली में 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो चार साल में अक्टूबर का सबसे कम अधिकतम तापमान बताया गया।
कई इलाकों में AQI 100 से नीचे
बारिश का असर दिल्ली की हवा पर भी पड़ा है। कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 100 से नीचे दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के कई हिस्सों में AQI का स्तर अलग-अलग बना हुआ है। ध्यान देने वाली बात है कि AQI किसी एक मॉनिटरिंग स्टेशन का आंकड़ा हो सकता है, जबकि शहर का औसत प्रदूषण स्तर अलग हो सकता है। इसलिए केवल एक क्षेत्र के आंकड़े से पूरी दिल्ली की हवा की स्थिति का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 31 अक्टूबर को मौसम साफ रहने की संभावना है। इसके बाद नवंबर की शुरुआत में भी आसमान साफ रह सकता है और दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। बारिश से मिली ठंडक के बावजूद मौसम में स्थायी सर्दी का आना अभी तय नहीं माना जा सकता। बारिश से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को नीचे बैठने में मदद मिलती है, जिससे कुछ समय के लिए वायु गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। मौसम शुष्क होने और हवा की गति कम होने पर प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है। जिन लोगों को सांस संबंधी परेशानी है, उन्हें अपने इलाके के AQI पर नजर रखनी चाहिए। मौसम और प्रदूषण की स्थिति में स्थानीय स्तर पर अंतर हो सकता है।