मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने कॉन्सर्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले उनके लाइव शो से जुड़ा है। 15 नवंबर को होने वाले इस कॉन्सर्ट से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग ने आयोजकों को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में दिलजीत के चार गानों को कॉन्सर्ट में नहीं बजाने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले के बाद सिंगर का इंदौर में होने वाला शो सुर्खियों में आ गया है।
इंदौर कॉन्सर्ट में इन 4 गानों पर रहेगी पाबंदी
दिलजीत दोसांझ अपने 'ऑरा इंडिया टूर' के तहत 15 नवंबर 2026 को इंदौर के सी-21 मॉल में लाइव परफॉर्म करने वाले हैं। लेकिन शो से पहले जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने मॉल प्रबंधन को पत्र भेजकर कुछ खास गानों को कॉन्सर्ट से बाहर रखने के लिए कहा है। जिन चार गानों पर आपत्ति जताई गई है, उनमें 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों फीम लब्बी आ' और 'जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियार दी' जैसे गाने शामिल हैं। विभाग ने अपने निर्देश में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का भी हवाला दिया है। आयोजकों को ये सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कॉन्सर्ट के दौरान इन गानों को न गाया जाए।
गानों पर क्यों लगाई रोक?
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर की शिकायत से हुई। उन्होंने 1 नवंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर दिलजीत के कुछ गानों पर आपत्ति जताई थी। प्रोफेसर का कहना है कि शराब, नशीले पदार्थों और हथियारों का गुणगान करने वाले गाने कम उम्र के बच्चों की सोच पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। दरअसल, इंदौर कॉन्सर्ट में 5 साल और उससे ज्यादा उम्र के बच्चों को भी एंट्री की इजाजत है, इसलिए उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
सिर्फ गानों पर नहीं उठे सवाल
प्रोफेसर पंडितराव ने अपनी शिकायत में तीन अलग-अलग मुद्दे उठाए थे। पहली मांग थी कि विवादित गानों को कॉन्सर्ट में न गाया जाए, भले ही उनके बोलों में बदलाव क्यों न कर दिया जाए। दूसरी मांग बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी थी। उन्होंने लाउड म्यूजिक और स्टेज पर इस्तेमाल होने वाली चमकदार लाइटों को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताते हुए उन्हें स्टेज पर बुलाने से बचने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने दिलजीत के स्टेज आउटफिट में इस्तेमाल होने वाली कारतूस जैसी दिखने वाली दो सिल्वर रंग की बेल्ट पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस तरह की चीजों से गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेश मिल सकते हैं।