Rahul Gandhi Latest Statement On CEC Gyanesh Kumar : देश में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है। आज SIR के मुद्दे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं ने राहुल गांधी के सरकारी आवास पर चाय पर चर्चा की। 2 घंटे चली इस बैठक के बाद सभी नेता मीडिया के सामने आए।

CEC का इस्तीफा लेना ही मुख्य मिशन: राहुल

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना ही उनका मुख्य मिशन है। इस लड़ाई में चाहे एक दिन लगे, एक साल लगे या फिर दो साल, उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। विपक्ष देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को दोबारा बहाल करने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेगा। बता दें, पिछले 8 दिनों में विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी। इस मीटिंग में सुप्रिया सुले, डी. राजा, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की 5 अहम बातें

जंतर-मंतर पर रोक को चुनौती : सरकार ने तय कर लिया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए नहीं कर सकते। विपक्ष सरकार की इस गलत सोच को कड़ी चुनौती देगा।

न्याय के कटघरे में आएंगे दोषी : पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सीईसी ज्ञानेश कुमार और अन्य लोगों को समझ लेना चाहिए कि संविधान को नुकसान पहुंचाकर कोई भी आसानी से नहीं बच सकता। ऐसे लोगों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

लोकतंत्र और संविधान पर हमला : देश में लोकतंत्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। चुनावी व्यवस्था को तहस-नहस किया गया है। संविधान को मानों फाड़कर फेंक दिया गया हो।

भविष्य के लिए लड़ाई : यह सियासी लड़ाई खुद के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों और उनके आने वाले कल के लिए है। देश में फिर लोकतंत्र लाने के लिए अंत तक लड़ेंगे।

राजनीतिक विरोध नहीं रुकेगा : चाहे कोई भी संस्था सही भूमिका निभाए या न निभाए, लेकिन जनता का संघर्ष और राजनीतिक विरोध नहीं थमेगा। अंत में जीत जनता की ही होगी।

अन्य नेताओं के तीखे तेवर

CPI(M) नेता एमए बेबी ने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के वोट, विरोध प्रदर्शन करने की जगह और देश के लोकतंत्र को लगातार छीन रही। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि बीजेपी यह सोचती है कि वह लोकतंत्र की नींव पर हमला कर सकती है और जब जनता अपने वोट के हक के लिए सड़क पर उतरे तो उनके विरोध करने की ताकत भी छीन ली जाएगी तो यह बीजेपी की बहुत बड़ी गलतफहमी है। TMC सांसद सागरिका घोष ने कहा कि हर गुजरते दिन के साथ यह साफ होता जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला चुनाव आयोग भारत में निष्पक्ष चुनाव के सिस्टम को पूरी तरह खत्म कर रहा है। जब तक वह पद पर हैं, स्वतंत्र चुनाव संभव नहीं हैं।

आंदोलन रुकने वाला नहीं : प्रशांत भूषण

चर्चित वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली में वोट चोरी और SIR के खिलाफ 2 अक्टूबर से आंदोलन का आगाज हुआ था, जिसे सरकार ने कुचलने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। भूषण ने चेताया कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है, क्योंकि विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। अब इसमें किसान संगठनों के साथ कई सिविल सोसाइटी और ट्रेड यूनियन भी जुड़ने जा रहे।

पूरा विपक्ष एकजुट : तेजस्वी

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम एवं राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। सभी विपक्षी दल लोकतंत्र को बचाने के लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े, वे देंगे। देश महात्मा गांधी का है, जो भी संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने की फिराक में है, उसे पूरी सजा मिलेगी। ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने एक कठपुतली की तरह काम करके लोकतंत्र को बड़ा धोखा दिया है। तेजस्वी ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन स्थल को दिल्ली के बॉर्डर की तरफ शिफ्ट करना सरकार के भीतर के डर को साफ-साफ दिखाता है।