बुधवार को पटना से लखनऊ की ओर आ रही इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान (फ्लाइट 6E925) खराब मौसम के कारण लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। विमान के अगले हिस्से में नुकसान हुआ, लेकिन पायलटों ने इसे सुरक्षित लखनऊ एयरपोर्ट तक पहुंचाया। इस विमान में कुल 104 यात्री और छह चालक दल (क्रू) के सदस्य मौजूद थे, और राहत की बात यह रही कि सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। सफलतापूर्वक लैंडिंग के बाद जब विमान की तकनीकी जांच की गई, तो उसके अगले हिस्से (नोज सेक्शन) में क्षति का पता चला, जिसके चलते इसे आगामी उड़ानों के संचालन से रोक दिया गया।

लैंडिंग के बाद सामने आया नुकसान

फ्लाइट ने पटना से दोपहर करीब 3:10 बजे उड़ान भरी थी और लगभग 4 बजे लखनऊ पहुंची। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक विमान ने सामान्य रूप से लैंड किया और बाद की जांच के दौरान उसके अगले हिस्से में क्षति दिखाई दी। शुरुआती आकलन में खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने की संभावना की जांच की जा रही है।

नोज रैडोम को पहुंचा नुकसान

रिपोर्टों के मुताबिक विमान के नोज रैडोम को नुकसान हुआ है। यह हिस्सा विमान के वेदर रडार सिस्टम को ढककर उसकी सुरक्षा करता है। घटना के बाद विमान को ग्राउंडेड कर दिया गया और इंजीनियरों की टीम इसकी तकनीकी जांच में जुट गई। विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति पूरी तरह से अनिवार्य जांच-पड़ताल और नियामक संस्था की हरी झंडी मिलने के बाद ही प्रदान की जाएगी।

दूसरे विमान से यात्रियों को अहमदाबाद भेजा गया

लखनऊ पहुंचने के बाद इसी विमान को आगे अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। तकनीकी समस्या के कारण यह उड़ान नहीं भर सका। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंडिगो ने एक वैकल्पिक विमान का प्रबंध किया, जिससे उन्हें शाम लगभग 6:22 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। घटना के बावजूद विमान में मौजूद किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को उतार लिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों और इंजीनियरों की ओर से विमान की स्थिति का तकनीकी आकलन किया जा रहा है।

पहले भी इंडिगो विमान पर गिरी थी बिजली

इंडिगो एयरलाइंस के किसी विमान के आकाशीय बिजली की चपेट में आने का यह कोई पहला मामला नहीं है। जून 2026 में कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़े इंडिगो के एक विमान पर भी तेज आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरी थी। उस घटना में विमान के पावर सिस्टम पर असर पड़ा था और यात्रियों को दूसरे विमान से भेजा गया था।