ममता टीएमसी बनाम डेमोक्रेटिक टीएमसी के बीच होने वाली ज़ोर आजमाइश से पहले ही ममता बनर्जी के साथ एक बार फिर विश्वासघात हुआ। फुटबॉल प्लेयर का सिंबल मिलने के बाद संचिता प्रधान डे ने ममता टीएमसी के प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। लेकिन वह राज्य के मुख्यमंत्री शुवेदु अधिकारी से मिलने नबन्ना पहुंची। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापिस ले लिया है।
अब कांग्रेस पर ममता
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापिस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार के समर्थन का ऐलान किया है। नंदीग्राम से मिलन प्रधान डे चुनाव लड़ रहे हैं। ममता टीएमसी ने नेगांव से कांग्रेस प्रत्याशी को भी समर्थन देने का फैसला किया है। ममता बनर्जी ने कहा है कि यह फैसला व्यापक राष्ट्रहित में लिया जा रहा है।
इससे पहले पार्टी के नाम और सिंबल के लिए ममता गुट औऱ बागी गुट के बीच ज़ोर आजमाइश पर निर्वाचन आयोग ने विराम लगा दिया है।
प.बंगाल में विधानसभा की दो सीटों पर उपचुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी ममता टीएमसी के नाम से उतर रही है। निर्वाचन आयोग ने अंतरिम व्यवस्था देते हुए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और दोपत्ती दो फूल और तृणमूल वाले चुनाव चिह्न को फ्रीज़ कर दिया है। वहीं, टीएमसी से ऋतब्रत बनर्जी के गुट को डेमोक्रेटिक टीएमसी का नाम दिया है। ममता टीएमसी को फुटबाल प्लेयर का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है तो डेमोक्रेटिक टीएमसी को लिफाफे का सिंबल प्रदान किया है।
क्यों अलग-अलग हुए तृणमूल के दो फूल
प. बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी में फूट पड़ गई थी। पार्टी के लगभग 20 सांसदों समेत बागी गुट ने खुद को असली टीएमसी होने का दावा किया था। मामला चुनाव आयोग पहुंचने पर आयोग ने टीएमसी के नाम औऱ सिंबल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। अब इलेक्शन कमीशन ने दोनों गुटों को नए नाम औऱ नए चुनाव चिह्न अलॉट कर दिया है। कमीशन ने अंतिम फैसला होने तक यह व्यवस्था दी है।
ममता को राहुल गांधी का साथ
ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोगपर पक्षपात का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ममता बनर्जी के समर्थन में खुल कर सामनेआए। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं है। यह लड़ाई हर उस राजनीतिक दल और उनके मतदाताओं की है, जो देश में निष्पक्ष औऱ स्वतंत्र चुनाव चाहते हैं।
बंगाल उपचुनाव में होगी ज़ोर आजमाइश
दोनों गुटों ने निर्वाचन आयोग को तीन-तीन नाम और चुनाव चिह्न सुझाए थे। जिनमें से आयोग ने यह नाम और सिंबल के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
ममता बनर्जी गुट अब ममता टीएमसी के नाम और फुटबॉल प्लेयर के सिंबल पर 6 अक्टूबीर को प. बंगाल में रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर हो रहे चुनाव में दोनों गुट अपने अपने उम्मीदवार उतार दिए है। रेजीनगर से फुटबॉल प्लेयर के सिंबल पर ममता टीएमसी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी मैदान में उतर रहे हैं। लेकिन वहीं नंदीग्राम से प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापिस ले लिया है। वहीं डेमोक्रेटिक टीएमसी ने रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उतारा है। वहीं नंदीग्राम से मोहम्मद एहतेशामुल हक चुनाव लड़ रहे हैं।
काम नहीं आई ममता की ममता
दोफूल और घास वाली तृणमूल कांग्रेस के मूल पर बागियों के दावे के बाद ममता बनर्जी गुट के साथ सिर्फ 22 विधायक और 19 सांसद बचे हुए हैं। ममता की अगुआई में टीएमसी ने राज्य विधानसभा में 80 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन इनमें से 58 विधायकों ने अपना अलग गुच बना कर बगावत का ऐलान कर दिया था। टीएमसी के कुल 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने अलग गुट बना लिया था। ममता के साथ अब लोकसभा में 8 एमपी और राज्यसभा में 11 सांसद ही बचे हैं। इससे पहले 2 राज्यसभा एमपी इस्तीफा दे चुके हैं।
टीएमसी के 58 बागी विधायको ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता माना था। पांच दिन बाद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के 20 एमपी एनसीपीआईमें शामिल हो गए थे। बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिख कर बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए को न सिर्फ अपना समर्थन दिया
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर लोकसभा स्पीकर ने बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस दिया है। सर्वोच्चन न्यायालय में मामले की सुनवाई जारी है।