दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में इस समय जिस बल्लेबाज की चर्चा तेजी से हो रही है, उनमें मैथ्यू ब्रीट्जके का नाम सबसे आगे है। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में अपने प्रदर्शन से एक बार फिर साबित किया है कि वह आने वाले समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। पहले वनडे में ब्रीट्जके ने मुश्किल परिस्थिति में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 106 गेंदों पर 112 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और दो छक्के शामिल रहे। इस पारी की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने 297 रन बनाए और मुकाबला 67 रन से अपने नाम किया।
शुरुआती झटकों के बाद संभाली पारी
डरबन में खेले गए पहले वनडे में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे और स्कोर 29 रन पर दो विकेट हो गया था। ऐसे समय में ब्रीट्जके क्रीज पर पहुंचे। उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय गेंद की स्थिति को समझते हुए पारी को आगे बढ़ाया। शुरुआत में उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजते हुए टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामक शॉट्स के साथ पारी को संभालने की क्षमता भी नजर आई। यही कारण रहा कि दक्षिण अफ्रीका दबाव से बाहर निकलकर बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
14 पारियों में बनाए 822 रन
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक के बाद ब्रीट्जके ने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनकी यह पारी वनडे क्रिकेट की शुरुआती 14 पारियों में उनका कुल स्कोर 822 रन तक ले गई।आईसीसी के मुताबिक पुरुष वनडे क्रिकेट की पहली 14 पारियों में किसी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए यह सबसे ज्यादा रन हैं। इस दौरान उन्होंने लगातार अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता दिखाई है।
भारत के खिलाफ भी दिखा चुके हैं दम
ब्रीट्जके का प्रदर्शन सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही नहीं रहा है। 2025 में भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भी उन्होंने वनडे मुकाबलों में अच्छी पारियां खेलीं। भारत के खिलाफ रांची में उन्होंने 72 रन बनाए थे। इसके बाद रायपुर में 68 और विशाखापत्तनम में 24 रन की पारियां भी खेलीं। ये प्रदर्शन बताते हैं कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
घरेलू क्रिकेट से राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे
ब्रीट्जके ने दक्षिण अफ्रीका के घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के अनुसार वह तकनीकी रूप से मजबूत शीर्ष क्रम के बल्लेबाज हैं और जरूरत के मुताबिक पारी को संभालने के साथ गति भी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है। घरेलू स्तर पर लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता दिया।
अब बड़ी चुनौती निरंतरता बनाए रखना
ब्रीट्जके के लिए अगली चुनौती सिर्फ बड़ी पारियां खेलना नहीं, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में शतक और शुरुआती वनडे करियर के आंकड़े उन्हें टीम के अहम बल्लेबाजों में जगह दिला रहे हैं।हालांकि दूसरे वनडे में वह 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने वह मुकाबला 32 रन से जीतकर तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में अब ब्रीट्जके से उम्मीदें बढ़ गई हैं। उनकी तकनीक, आक्रामक अंदाज और शुरुआती वनडे रिकॉर्ड ने उन्हें टीम के उभरते हुए बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।