(By- Bhumika Chauhan) AI सिर्फ चैट नहीं, यूजर के लिए काम भी करेगा। Muse AI मेटा का पर्सनल AI असिस्टेंट है, जो बहुत एडवांस है और AI अस्सिटेंट की तरह Muse भी आम जिंदगी को आसान बनाएगा। Muse AI यूजर की सहमति होने पर ना केवल ईमेल पढ़ेगा बल्कि उस ईमेल से संबंधित छानबीन करने के बाद जावब भी देगा। ये मेल भेजने या कुछ खरीदने जैसे संवेदनशील काम करने से पहले यूजर से कन्फर्मेशन लेगा।
App बंद करने के बाद भी करता है काम
AI अस्सिटेंट App बंद करने के बाद भी ऑपरेट करता है। पुरानी चैट्स के आधार पर मेटा Muse AI लोगों के सभी कामों का पूरा ऑडिट करता है कि यूजर ने क्या किया है और वह क्या करवाना चाहते हैं। मेटा ने ये भी दावा किया है कि ये जिस डाटा के आधार पर ऑडिट कर यूजर के लिए बेहतर सुझाव देगा, वह Meta के एडवरटाइजर के साथ शेयर नहीं करेगा।
सिर्फ अमेरिकी यूजर्स के लिए उपलब्ध
मेटा ने Muse अभी के लिए सिर्फ अमेरिकी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया है। इसे 'म्यूज' ऐप या मेटा की व्हाट्सऐप मैसेजिंग सर्विस के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। ये एक एजेंटिक AI मॉडल है यानी ऐसा AI जो इंसान की कम रेख देख में भी बेहरतरीन परिणाम देता है। इससे न केवल यूजर का समय बचेगा बल्कि मेहनत भी कम हो जाएगी।
Muse AI कैसे करेगा काम?
मेटा ने कहा कि यूजर यह तय कर सकते हैं कि Muse किन ऐप्लिकेशन को एक्सेस कर सकता है और वे कभी भी ये परमिशन वापस भी ले सकते हैं। यूजर यह चुन सकते हैं कि वे किन ऐप्स और सेवाओं को अपने पर्सनलाइज्ड Muse एजेंट से कनेक्ट करना चाहते हैं। अगर कोई प्लेटफॉर्म पब्लिक API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) नहीं देता है, तो Muse यूजर द्वारा दिए गए क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके कनेक्शन बना सकता है। अगर API उपलब्ध नहीं है, तब भी Muse ब्राउजर के जरिए प्लेटफॉर्म पर जाकर उस सेवा का इस्तेमाल कर सकता है।