रविवार सुबह नेपाल के गोरखा में अचानक बुढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आने से मकान और पुल बह गए, जबकि एक जलविद्युत परियोजना का शिविर भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है। सेना और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। 

घर छोड़कर भागे लोग 

स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार तड़के करीब चार बजे नदी और आसपास की जलधाराओं से तेज गर्जना सुनाई देने लगी। कुछ ही देर में पानी का बहाव तेज हो गया। अचानक आई इस स्थिति के कारण कई परिवारों को अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला और वे जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के जगत, सालेरी और पैयुका सहित आसपास के इलाकों में नुकसान की खबर है। स्थानीय रिपोर्टों में 35 से अधिक घरों के बहने की बात कही गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्टों में नुकसान का आंकड़ा इससे कम बताया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

कई पुल बहने से गांवों का संपर्क प्रभावित

बाढ़ का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। तेज बहाव अपने साथ कई पुलों को भी बहा ले गया। इनमें स्थानीय बस्तियों को जोड़ने वाले झूला पुलों के अलावा गोरखा और पड़ोसी धादिंग जिले के बीच संपर्क स्थापित करने वाला एक राजमार्ग पुल भी शामिल है। पुलों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने से आवाजाही में मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ की चपेट में आने से एक जलविद्युत परियोजना का शिविर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रभावित क्षेत्र के सभी हिस्सों में नुकसान की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। 

भूस्खलन को माना जा रहा है बाढ़ की वजह

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गोरखा जिले के पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बुढ़ी गंडकी नदी का रास्ता बाधित हो गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और नदी का बहाव नीचे की ओर फैल गया। अधिकारियों ने इस घटना के कारणों और नुकसान की जांच शुरू कर दी है।प्रशासन ने गोरखा के साथ-साथ नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा है। तनहूं, चितवन, पूर्वी नवलपरासी और पश्चिमी नवलपरासी जिलों में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नेपाल की सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत अभियान चला रही हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के अनुसार, सेना ने जगत क्षेत्र में खतरे का सामना कर रहे छह लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला। वहीं, जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले 18 कर्मचारी भी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। फिलहाल किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राहत अभियान और नुकसान का आकलन जारी रहने के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।