Nobel Medicine Prize 2026 : वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कारों की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। आज स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित प्रतिष्ठित कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट ने इस वर्ष के फिजियोलॉजी या मेडिसिन (चिकित्सा) क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नामों का ऐलान कर दिया। इस बार यह सर्वोच्च सम्मान संयुक्त रूप से तीन वैज्ञानिकों-कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को दिया गया। पुरस्कार समिति के अनुसार विजेताओं के बीच 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सम्मान राशि साझा की जाएगी।
किस खोज के लिए मिला यह ऐतिहासिक सम्मान?
इन तीनों वैज्ञानिकों को लाइट-गेटेड आयन चैनल और ऑप्टोजेनेटिक्स के क्षेत्र में किए गए उनके क्रांतिकारी शोध के लिए चुना गया है। अमेरिका और जर्मनी के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत इन शोधकर्ताओं ने इस बात की गहराई से पड़ताल की है कि हमारा मस्तिष्क किस प्रकार व्यक्तिगत तंत्रिका कोशिकाओं (नर्व सेल्स) की गतिविधियों को सक्रिय या निष्क्रिय (ऑन/ऑफ) करता है। प्रकाश का उपयोग करके मस्तिष्क की कोशिकाओं को नियंत्रित करने की इस तकनीक ने न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में नई राहें खोली हैं।
1901 में दिया गया था पहली बार चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार पहली बार 1901 में दिया गया था। पिछले वर्ष यानी 2025 में इस क्षेत्र का सम्मान मैरी ई. ब्रुनको, फ्रेड रामस्डेल और शिमोन साकागुची को दिया गया था। उन्हें पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस (परिधीय प्रतिरक्षा सहिष्णुता) से जुड़े महत्वपूर्ण निष्कर्षों के लिए चुना गया था। इस खोज ने यह समझने में मदद की थी कि हमारा इम्यून सिस्टम शरीर के अपने ही ऊतकों (टिश्यूज) पर हमला करने से कैसे बचता है।
2025 के अन्य क्षेत्रों के विजेता
भौतिकी : जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस।
रसायन विज्ञान : सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम याघी।
साहित्य : हंगरी के प्रख्यात लेखक लास्ज़लो क्रास्नाहोर्काई।
अर्थशास्त्र : जोएल मोकिर, फिलिप अघियन और पीटर हॉविट।
नोबेल शांति पुरस्कार : वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो।