Patna Protest News : राजधानी पटना की सड़कों पर आज छात्रों-छात्राओं का गुस्सा देखने को मिला। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विद्यार्थियों ने 3 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी छात्र-छात्राएं सुबह 11 बजे लोकभवन की ओर मार्च करने के उद्देश्य से गांधी मैदान से बाहर निकले। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जेपी गोलंबर के पास मजबूत बैरिकेडिंग लगा रखी थी। मगर, उग्र छात्रों ने उसे ध्वस्त कर दिया।
पुलिस वैन की चाबी लेकर भागे प्रदर्शनकारी
हंगामे के बीच पुलिस ने जब कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया तो एक अनोखी घटना घटी। जिस पुलिस वैन में छात्रों को बैठाया जा रहा था, एक छात्र उस गाड़ी की चाबी ही लेकर रफूचक्कर हो गया। इसके बाद प्रशासन को आनन-फानन में दूसरी बस का इंतजाम करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान पुलिस महिला छात्रों को खींचकर हिरासत में लेती नजर आई। वहीं, आक्रोशित छात्र डाकबंगला चौराहे पर लगी एक बैरिकेडिंग को ही अपने साथ उखाड़ कर ले गए।
स्लोगन से जताया विरोध
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राएं अपने हाथों में तंज और आक्रोश से भरे अनोखे पोस्टर थामे हुए थे। एक पोस्टर पर लिखा था-टियर गैस की व्यवस्था नहीं है? तो दूसरे पर चेतावनी देते हुए लिखा था-तोहर कुर्सी उड़ा देब प्रोटेस्ट से। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को निशाने पर लेते हुए एक स्लोगन लिखा था-समोसा जाएगा तेल में, ज्ञानू को भेजो जेल में।
आगे बढ़ने से रोका तो सड़क पर बैठ गए
जब पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर दूसरी घेराबंदी करके छात्रों को आगे बढ़ने से रोका तो वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद 1 घंटे तक केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में जमकर नारेबाजी होती रही। छात्राएं भी सुरक्षा बैरिकेड्स पर चढ़कर चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती दिखीं। छात्रों का सीधा आरोप है कि सरकार और प्रशासन मिलकर उनकी जायज मांगों को दबाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। वैसे, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा काफी समझाने-बुझाने के बाद छात्रों ने आखिरकार अपना प्रदर्शन समाप्त किया।