दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों को राहत देने की तैयारी में है। प्रदेश के करीब 2.34 करोड़ उज्ज्वला कार्ड धारकों को एलपीजी सिलेंडर की एक रिफिल मुफ्त देने का प्रस्ताव शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाना है। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के इंटर्न छात्रों के भत्ते में बढ़ोतरी पर भी विचार किया जा सकता है।
30 से ज्यादा प्रस्तावों पर हो सकता है फैसला
लखनऊ के लोकभवन में सुबह 11 बजे प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 30 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें औद्योगिक विकास, परिवहन, कृषि और तकनीक से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त गैस रिफिल देने और अन्य प्रस्तावों की अंतिम स्थिति कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट होगी।
आयुष इंटर्न को मिल सकती है राहत
आयुष चिकित्सा पद्धति से जुड़े इंटर्न छात्रों के लिए भी बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे छात्रों के भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया है। इससे उन प्रशिक्षुओं को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से आर्थिक सहायता और भत्ता बढ़ाने की माँग कर रहे थे।
धान और मोटे अनाज की खरीद नीति पर भी नजर
किसानों से जुड़े मुद्दे भी बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान के साथ मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद नीति पर विचार किया जा सकता है। इन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था तय करने से किसानों को अपनी उपज बेचने में मदद मिल सकती है।
18 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना
प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 18 शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने से जुड़ा प्रस्ताव भी बैठक में रखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन स्थापित करने और सरकारी खरीद में स्थानीय स्टार्टअप को बढ़ावा देने की योजना पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के लिए भी प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी देने का प्रस्ताव भी शामिल है। वहीं, व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना पर निर्णय लिया जा सकता है। भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर, भदोही करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताया गया है। बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर होने वाले फैसलों से अलग-अलग वर्गों को राहत मिलने की उम्मीद है। संबंधित योजनाओं का लाभ कब और किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, इसकी जानकारी सरकार के आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।