UP STF Bribe News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में तैनात एक दरोगा के विरुद्ध भ्रष्टाचार का अनोखा और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। आरोपी अधिकारी पर क्रिमिनल केस से नाम हटाने की एवज में नकदी के अलावा दो गाय, एक जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता और ऑफिस का फर्नीचर यानी मेज-कुर्सी खरीदने के लिए रुपए वसूलने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। इस सिलसिले में हरियाणा के हिसार स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गहन जांच के बाद दरोगा के विरुद्ध अधिकारिक तौर पर मुकदमा कायम कर लिया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
विवादों के घेरे में आए इस दरोगा की पहचान रणेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है। ये यूपी एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट में हैं। दूसरी ओर यह शिकायत हरियाणा के हिसार जिला अंतर्गत ब्यानाखेड़ा गांव निवासी मनवीर सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रयागराज में नवाबगंज थाने में दर्ज आपराधिक मुकदमे से उसका नाम निकलवाने के लिए दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह ने अलग-अलग तरीकों से रिश्वत की मांग रखी थी। इस दावे के समर्थन में पीड़ित ने जांच एजेंसी को कुछ ऑडियो और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी सौंपे हैं।
पुराने केस से कनेक्शन
यह मामला 2 सितंबर 2023 का है। मामला धोखाधड़ी, जालसाजी और आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत पंजीकृत हुआ था। मामले की खास बात है कि जिस केस से नाम हटाने के एवज में सौदेबाजी का आरोप लगा है, उस मूल मुकदमे में आरोपी दरोगा रणेंद्र कुमार सिंह खुद शिकायतकर्ता (वादी) बताए गए हैं।
ऑडियो और डिजिटल सबूतों में क्या खुलासे हुए?
हरियाणा के ACB ने जब पीड़ित की तरफ से उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की तो शुरुआती स्तर पर ही आरोपों के पुख्ता होने के संकेत मिल गए। इसके बाद हरियाणा पुलिस महानिदेशक कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद 14 अगस्त 2026 को आगे की कानूनी प्रक्रिया का रास्ता साफ हुआ।
कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
तमाम साक्ष्यों की जांच बाद हिसार मंडल के ACB थाने में 6 अक्टूबर 2026 को आरोपी दरोगा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस पूरे मामले की विवेचना की जिम्मेदारी डीएसपी सोमवीर सिंह को सौंपी गई है। जांच एजेंसी ऑडियो फाइल्स, चैट्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े हर तथ्य की सत्यता परखने में जुटी है। वैसे, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पूरी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। मगर, पुलिस अधिकारी द्वारा रिश्वत में मवेशी और फर्नीचर मांगने का यह वाकया चर्चा का विषय बना है।