अमेरिका में हुए 2026 के मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने अपने-अपने पदों पर दोबारा जीत हासिल की है, जबकि फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से पिया डांडिया ने भी जीत दर्ज की है। वहीं, ओहियो के गवर्नर पद के मुकाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार और भारतीय-अमेरिकी नेता विवेक रामास्वामी शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से पीछे चल रहे हैं। अमेरिकी चुनावों में इन नतीजों को भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कई अन्य सीटों पर मतगणना जारी रहने के कारण भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों के प्रदर्शन की पूरी तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है।
सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में दोहराई जीत
वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सुहास सुब्रमण्यम ने जीत हासिल कर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित किया है। शुरुआती चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, उन्हें करीब 63 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को लगभग 35 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। सुब्रमण्यम के मुकाबले में निर्दलीय उम्मीदवार अहसेन मलिक भी मैदान में थे। सुब्रमण्यम ने 2024 के चुनाव में जीत दर्ज कर वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी नेता बनने का गौरव हासिल किया था। अब इस जीत के साथ वह प्रतिनिधि सभा में एक और दो साल का कार्यकाल संभालेंगे।
अरुणा मिलर ने मैरीलैंड में बरकरार रखी कुर्सी
मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी दोबारा जीत हासिल की है। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनावी मैदान में थीं। मूर की जीत के साथ मिलर का भी एक और कार्यकाल तय हो गया है। मिलर के सामने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप की चुनौती थी। क्रोप पूर्व स्टेट डेलीगेट डैन कॉक्स के साथ चुनाव लड़ रहे थे। इस जीत से मैरीलैंड के राज्य प्रशासन में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व आगे भी बना रहेगा।
पिया डांडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की जीत
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने कड़े मुकाबले में रिपब्लिकन प्रत्याशी केसी असकर को हराया। चुनावी अनुमानों के अनुसार, डांडिया को करीब 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि असकर के खाते में 48.1 प्रतिशत मत आए। यह मुकाबला काफी करीबी रहा और प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिहाज से भी इस सीट पर सबकी नजरें थीं। डांडिया की जीत के साथ अमेरिकी कांग्रेस में भारतीय मूल की एक और प्रतिनिधि की मौजूदगी सुनिश्चित हुई है।
विवेक रामास्वामी ओहियो में पीछे
ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी एमी एक्टन से पिछड़ते दिखाई दिए। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों में एक्टन को करीब 53 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि रामास्वामी को लगभग 44 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। मतगणना जारी रहने के दौरान इन आंकड़ों को अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता। रामास्वामी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला था।
कई अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों के नतीजों का इंतजार
इन तीन जीतों के अलावा भी कई भारतीय मूल के नेता अलग-अलग चुनावी मुकाबलों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कैलिफोर्निया से रो खन्ना और अमी बेरा, वाशिंगटन से प्रमिला जयपाल तथा एरिजोना से अमीष शाह जैसे उम्मीदवारों के नतीजों पर नजर बनी हुई है। लॉस एंजिलिस के मेयर पद के चुनाव में नित्या रमन भी मैदान में हैं। टेक्सास और जॉर्जिया सहित कई राज्यों के विधायी चुनावों में भी भारतीय मूल के उम्मीदवारों की भागीदारी है। इन सीटों पर मतगणना और चुनावी अनुमानों के सामने आने के बाद ही भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों के कुल प्रदर्शन का आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल सुहास सुब्रमण्यम, अरुणा मिलर और पिया डांडिया की जीत ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की मौजूदगी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।