US Stock Market Crash Hindi News : अमेरिकी शेयर बाजार में 30 अक्टूबर 2026 को बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे दुनियाभर के निवेशकों की नींद उड़ गई। नैस्डेक कंपोजिट इंडेक्स में 5 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज हुई है। इस भारी उथल-पुथल के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में भारी-भरकम निवेश और उससे जुड़े शेयरों का अचानक धड़ाम होना माना जा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल स्तर पर अब चर्चा तेज हो गई है कि क्या वाकई AI का बुलबुला (AI Bubble) फूटने लगा है?
अमेरिकी बाजार में भूचाल
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार के दौरान भारी बिकवाली और मुनाफावसूली हावी रही। नैस्डेक कंपोजिट 2.86 फीसदी यानी 747 अंकों की गिरावट के साथ 25437 के स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 भी 2.06 फीसदी फिसलकर 7581 पर बंद हुआ। डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.09 फीसदी यानी 572 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। यह 51770 पर आ गया। इस एक दिन के कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजार से निवेशकों के 1.8 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए।
इंटेल और अमेजन के खराब नतीजों ने खोली AI की पोल
इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह टेक दिग्गज कंपनियों इंटेल और अमेजन के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इंटेल के शेयरों में एक दिन में 28 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट आई। इसके अलावा NVIDIA, AMD, DELL और एचपी (HP) के शेयरों में भी जबरदस्त बिकवाली दिखी। जैसे ही इन कंपनियों के नतीजे सामने आए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक में किए जा रहे अरबों-खरबों डॉलर के निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की पोल खुल गई। निवेशकों के मन में बड़ा सवाल खड़ा हो गया कि आखिर AI के इस बेहिसाब निवेश से उन्हें मुनाफा कब मिलेगा, क्या यह बिजनेस मॉडल सही भी है या नहीं और क्या AI भविष्य में कभी उम्मीद के मुताबिक प्रॉफिट दे पाएगा? अब तक इन सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से निवेशकों में निराशा और डर का माहौल है। इस चलते वे अपने शेयर धड़ाधड़ बेच रहे।
चीन में भी मच चुकी है तबाही
अमेरिका से पहले चीनी शेयर बाजार में भी पिछले कुछ महीनों से लगातार भारी गिरावट का दौर जारी है। चीन के शंघाई स्टॉक एक्सचेंज के टेक्नोलॉजी इंडेक्स (STAR 50) में चार महीने से भी कम समय में 40% की भारी गिरावट आ चुकी है। इस दौरान चीनी बाजार से 3.5 ट्रिलियन डॉलर डूब चुके हैं। चीन में भी AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। माना जा रहा कि आगामी दिनों में भी यह मंदी थामने वाली नहीं है। ठीक यही पैटर्न अब अमेरिकी स्टॉक मार्केट में भी देखने को मिल रहा है।
सोमवार को दुनियाभर के बाजारों पर दिख सकता है असर
अमेरिकी बाजार में आई इस ऐतिहासिक गिरावट का सीधा असर सोमवार यानी 3 नवंबर 2026 को खुलने वाले वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ना तय माना जा रहा। विशेषकर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दिख सकती है, क्योंकि इन दोनों एशियाई बाजारों में हालिया तेजी की सबसे बड़ी वजह टेक्नोलॉजी स्टॉक्स रहे। फिलहाल दुनियाभर के निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सिर्फ एक अस्थायी करेक्शन या वाकई AI सेक्टर का सबसे बड़ा बुलबुला फूटने की शुरुआत हो चुकी है।