Yamuna Expressway Bus Accident Inside News : दो दिन पहले यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे ने नौ लोगों की जिंदगी छीन ली। नोएडा से उरई को रवाना बस में आग लगी और देखते ही देखते कई जिंदगियां धुएं और लपटों में खो गईं। इस भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वालों में ग्रेटर नोएडा की आईटी कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर 26 वर्षीय श्रुति भी शामिल थीं। श्रुति अपनी छोटी बहन का जन्मदिन मनाने अपने घर जालौन (उरई) जा रही थीं। उनका मंगेतर मोहित शर्मा उन्हें कश्मीरी गेट बस स्टैंड छोड़ने आया था। दोनों इस साल नवंबर में शादी के बंधन में बंधने वाले थे और पिछले सात महीनों से एक-दूसरे के साथ थे।
'तुम लौट जाओ और आराम करो'
प्यार का अहसास ऐसा था कि श्रुति को बस में बैठाने के बाद भी मोहित का मन वापस लौटने का नहीं हुआ। वह कश्मीरी गेट से बस के पीछे-पीछे करीब 22 किलोमीटर तक स्कूटी चलाता हुआ नोएडा तक आ गया। रास्ते भर दोनों फोन पर बात करते रहे। रात 10:19 बजे श्रुति ने मोहित से कहा, घर पहुंचकर फोन करूंगी। अब तुम वापस लौट जाओ और आराम करो। फिर गुड नाइट कहकर फोन काट दिया। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
बहन बस स्टैंड पहुंची, तब हादसे का चला पता
अगली सुबह 6:30 बजे जब श्रुति की बहन उसे लेने बस स्टैंड पहुंची, तब हादसे का पता चला। परिजनों के बार-बार फोन करने पर जब मोहित की नींद खुली और उसे इस अनहोनी की जानकारी मिली, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बदहवास हालत में जेवर के कैलाश अस्पताल पहुंचा, फिर गवाहों के बताए पते पर श्रुति को तलाशता रहा, मगर बहुत देर हो चुकी थी।
मैं साथ होता तो शायद आज श्रुति जिंदा होती: मोहित
IIT दिल्ली के परम प्रज्ञा प्रोजेक्ट पर काम कर रहे मोहित के मन में अब बस एक ही कसक और पछतावा बाकी रह गया है- काश मैं अपने काम को छोड़ उसके साथ बस में बैठ गया होता तो शायद आज श्रुति मेरे साथ होती।