कांग्रेस पार्टी को वित्त वर्ष 2025-26 में मिलने वाले चंदे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चुनाव आयोग को सौंपी गई पार्टी की योगदान रिपोर्ट के मुताबिक, 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे के रूप में कांग्रेस को कुल 130.7 करोड़ रुपये मिले। यह रकम वित्त वर्ष 2024-25 में मिले 517.4 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत कम है। पिछले तीन वर्षों में पार्टी को मिला यह सबसे कम चंदा है। रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में सबसे बड़ा योगदान प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट का रहा। इस ट्रस्ट से मिली रकम में भी भारी कमी आई है। वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट ने कांग्रेस को 25 करोड़ रुपये दिए, जबकि 2024-25 में यह राशि 216 करोड़ रुपये थी।

कुल चंदे में प्रूडेंट ट्रस्ट की हिस्सेदारी 19 प्रतिशत

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 2025-26 में कांग्रेस को मिले कुल चंदे का करीब 19 प्रतिशत हिस्सा दिया। पिछले वित्त वर्ष में पार्टी के कुल योगदान में इस ट्रस्ट की हिस्सेदारी 41.8 प्रतिशत थी। इस बार ट्रस्ट से मिलने वाला फंड पिछले साल के मुकाबले करीब 88.5 प्रतिशत घट गया। प्रूडेंट के अलावा स्टार सीमेंट लिमिटेड ने 5 करोड़ रुपये, सज्जन भजनका ने 4 करोड़ रुपये और अफनान कंस्ट्रक्शंस ने 3 करोड़ रुपये का योगदान दिया। प्रेम कुमार भजनका ने 2 करोड़ रुपये, जबकि इप्सम प्रोएडवाइजर्स और एसएमएस बिल्डर्स ने एक-एक करोड़ रुपये दिए।

सिर्फ नौ बड़े योगदानों से मिले 43 करोड़ रुपये

रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस को एक करोड़ रुपये या उससे अधिक के सिर्फ नौ योगदान मिले। इनसे कुल 43 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पार्टी को मिले कुल चंदे का लगभग एक-तिहाई है। वहीं, पांच लाख रुपये या उससे कम के 1,321 योगदानों से पार्टी को कुल 37.2 करोड़ रुपये मिले। रिपोर्ट में दर्ज कुल 1,735 योगदानों की औसत मध्य राशि यानी मीडियन योगदान तीन लाख रुपये बताई गई है।

लोकसभा चुनाव के बाद चंदे में आई बड़ी कमी

वित्त वर्ष 2024-25 लोकसभा चुनाव का साल था। उस दौरान कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में 2023-24 के मुकाबले करीब 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 2025-26 में योगदान घटकर 130.7 करोड़ रुपये रह गया, जो 2023-24 की तुलना में भी करीब 53 प्रतिशत कम है। खास बात यह है कि 2025-26 में बिहार विधानसभा चुनाव हुए थे। अप्रैल 2026 में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हुए। इसके बावजूद पार्टी को मिलने वाले बड़े चंदे में गिरावट दर्ज की गई।

कूपन से मिलने वाली रकम का पूरा ब्योरा अभी बाकी

कांग्रेस की वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं है। इसके सामने आने के बाद पार्टी की आय के अन्य स्रोतों की जानकारी भी मिलेगी। वित्त वर्ष 2024-25 में कांग्रेस को कूपन जारी करने और बेचने से 350 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली थी। फिलहाल चुनाव आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट से पार्टी को 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे के रूप में मिली राशि का ब्योरा सामने आया है। इससे पार्टी की कुल आय या सभी स्रोतों से मिली फंडिंग का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।