Patna Female Police Constable Slapped : बिहार के जमुई जिले, समस्तीपुर और बांका में लड़कियों से छेड़खानी एवं बदसलूकी की घटनाओं के बाद अब राजधानी पटना में खुद महिला दारोगा भी सुरक्षित नहीं हैं। पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेमनीचक स्थित सुभाष नगर में मनचलों ने ऑन-ड्यूटी महिला पुलिस अधिकारी के साथ न सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि सरेराह उन्हें थप्पड़ भी जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है।
कमेंट पास करने पर जताया विरोध तो जड़ा थप्पड़
दारोगा प्रियंका आनंद चार महिला पुलिसकर्मियों के साथ स्कूटी से गश्त पर निकल रही थीं। इस दौरान रास्ते में खड़े 3 युवकों ने उन पर फब्तियां कसीं। प्रियंका आनंद ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। बहस के बीच एक युवक ने अपना आपा खो दिया और महिला दारोगा को थप्पड़ मार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद 3 आरोपी मौके से फरार हो गए।
CCTV से खुली पहचान, एक आरोपी दबोचा गया
मामले को लेकर रामकृष्ण नगर थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और उसके आधार पर मुख्य आरोपी की शिनाख्त खुशरूपुर के रहने वाले 22 वर्षीय प्रदीप कुमार के रूप में हुई, जो सुभाष नगर में किराए का कमरा लेकर रहता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
फरार साथियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस हिरासत में लिए गए प्रदीप से कड़ी पूछताछ कर रही है, ताकि उसके दो साथियों का सुराग मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पुलिस से मारपीट में कानून क्या कहता है?
ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, धक्का-मुक्की या अभद्रता करना कानूनी रूप से गंभीर और गैर-जमानती अपराध है। बीएनएस की धारा-121 (पुराना आईपीसी के Sec-332) के तहत इस मामले में 5 साल तक की जेल हो सकती है। भारी जुर्माना भी लगता है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस और सरकारी कर्मचारियों पर हमले/ मारपीट के मामलों में बिहार शीर्ष राज्यों में शामिल है। यहां सालाना 100 से 150 से अधिक मामले दर्ज होते हैं।