दिवाली के दिन देश की राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में है। आसमान में धुंध की मोटी परत छाई हुई है और कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 384 दर्ज किया गया। शहर के 11 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू हैं।
कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया। कुछ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार पहुंच गया है। यह स्थिति लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए। शनिवार को CPCB के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 369 रहा था। हालांकि, रविवार सुबह कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ दिखाई दिया। मौसम में हवा की रफ्तार कम रहने और प्रदूषकों के ठीक से नहीं फैल पाने से भी स्थिति प्रभावित हो रही है।
GRAP-3 के तहत लागू हैं ये पाबंदियां
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 6 नवंबर को GRAP के तीसरे चरण को लागू किया था। इसके तहत दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में कई गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
- निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कार्यों पर प्रतिबंध लागू है।
- दिल्ली और संबंधित NCR क्षेत्रों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों के चलने पर रोक है।
- स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती की जा रही है।
- जरूरी और सार्वजनिक महत्व की परियोजनाओं को निर्धारित छूट के तहत काम करने की अनुमति है।
दिवाली पर पटाखों से बढ़ सकती है परेशानी
दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से हवा में धूल और सूक्ष्म प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ सकती है। पहले से खराब वायु गुणवत्ता के बीच इसका असर और गंभीर हो सकता है। कम हवा और प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषक लंबे समय तक वातावरण में बने रह सकते हैं।
स्वास्थ्य को लेकर बरतें सावधानी
खराब हवा के बीच लोगों को सुबह और देर शाम बाहर व्यायाम करने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें। आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण के अधिक संपर्क से बचाना जरूरी है। दिल्ली में दिवाली के दिन प्रदूषण की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है। आने वाले घंटों में पटाखों के इस्तेमाल और मौसम की स्थिति के आधार पर वायु गुणवत्ता में बदलाव देखने को मिल सकता है।