एशियाई गेम्स शुरू होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही भारत को बड़ा झटका लग गया है। भारत के दो एथलीट्स पर 18 महीने तक का बैन लग गया। ये 17 वर्षीय तैराक के लिए बड़ा झटका है। प्रतिबंधित टरबुटालाइन मिलने से तैराक पर 18 महीने तक का बैन लगा दिया गया है। जिसके कारण उनका एशियाई गेम्स में हिस्सा लेने का सपना टूट जाएगा। दूसरा केस ग्रीको रोमन पहलवान दीपक का सामने आया है। जहां 31 मई को लिए गए यूरिन सैंपल में प्रतिबंधित क्लोमीफीन मिलने पर दीपक पर अभी बैन नहीं लगा है, लेकिन इस मामले की जांच प्रक्रिया में है। दोनों एथलीट्स अपने-अपने इवेंट में क्वालीफाई कर चुके थे। भारतीय तैराक पर प्रतिबंधित टरबुटालाइन का इस्तेमाल करने पर 18 महीने तक का प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। यह टरबुटालाइन एंटी डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित है। 

बैन के बाद जुड़वा भाई की टीम में वापसी 

स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने सुनवाई जल्दी कराने की मांग की थी। अगर सुनवाई से कहीं राहत मिलती है तो उन्हें एशियाई गेम में शामिल किया जा सकता है। अभी जुड़वा भाई एशियाई गेम्स का हिस्सा हैं और जापान में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

पहलवान दीपक के सैंपल में पाया गया क्लोमीफीन

भारतीय पहलवान दीपक पर ये आरोप है कि दीपक के सैंपल में क्लोमीफीन मिला है। दिल्ली के रहने वाले ग्रीको रोमन पहलवान दीपक आरोपी पाए गए हैं। वो 2026 वर्ल्ड डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में हैं। उनका सैंपल NADA के मुताबिक 31 मई को लखनऊ एशियाई गेम्स ट्रायल में लिया गया था। इसका रिजल्ट 23 जुलाई को आया, जिसमें रिजल्ट असामान्य था। 

WFI ने दीपक का नाम लिया वापिस

दीपक के सैंपल में क्लोमीफीन मिलने के बाद WFI (भारतीय कुश्ती महासंघ) ने उनका नाम वापिस लिया। WFI के हिसाब से दीपक ने अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर अधिकारीयों को खुश किया। दीपक ने इससे पहले फेडरेशन कप में भी पदक जीता था। अब सैंपल बी में अगर क्लोमीफीन पाया जाता है, तो उनके ऊपर डोपिंग के नियम के उल्लंघन का आरोप साबित हो जाएगा।