INDIA Bloc News : देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक द्वारा लाए जा रहे जन महाभियोग कार्यक्रम की पूरी कार्यवाही तथा कार्यक्रम की तारीख में बदलाव करना पड़ा है। खराब मौसम के चलते विपक्षी दलों ने आपसी सहमति से फैसला लिया है कि अब यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर के बजाय 31 अक्टूबर को होगा। विपक्ष की इस विशेष कार्यवाही के दौरान राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मुख्य प्रस्ताव पेश करेंगे। सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोपों वाला आरोप-पत्र भी इस मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इस पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार पीठासीन अधिकारी के रूप में करेंगी। कार्यक्रम के दौरान इंडिया गठबंधन में शामिल हर एक विपक्षी दल से एक-एक मुख्य नेता अपनी बात रखेगा। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पूरी कार्यवाही के अंत में समापन भाषण देंगे।

संसद की गरिमा का ख्याल, सत्ता पक्ष का कोई प्रतीकात्मक चेहरा नहीं होगा

विपक्ष ने आयोजन को लेकर बेहद सावधानी बरती है, ताकि संसद या संवैधानिक पदों की गरिमा पर कोई आंच न आए। विपक्षी दल यह कतई नहीं चाहते कि किसी भी रूप में संसद या उसकी प्रक्रियाओं का मजाक बने। यही कारण है कि इस आयोजन में सत्ता पक्ष की तरफ से किसी भी व्यक्ति की प्रतीकात्मक मौजूदगी नहीं रखी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या CEC ज्ञानेश कुमार के किसी भी प्रकार के पोस्टर, बैनर या मुखौटों का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित रहेगा। यानी इनका किसी भी रूप में प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व भी देखने को नहीं मिलेगा। इस कार्यक्रम में विपक्षी नेताओं के साथ सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि और SIR से प्रभावित लोग भी विशेष रूप से शामिल होंगे।

अनुमति न मिलने पर खड़गे के आवास पर होगा आयोजन

मूल योजना के तहत यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास (10, राजाजी मार्ग) पर किया जाना है। कांग्रेस ने इससे पहले जानकारी दी थी कि अन्य सार्वजनिक या खुले स्थानों पर इस तरह का कार्यक्रम करने के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके बाद विपक्षी गठबंधन ने श्री खड़गे के आवास पर ही इसे करने का अंतिम निर्णय लिया। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें अपनी आवाज उठाने से रोकने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कुछ दिन पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि CEC के खिलाफ इस प्रस्तावित जन महाभियोग अभियान को दबाने और रोकने की हरसंभव कोशिश की जा रही।

सरकार चाहे जो करे, हम पीछे नहीं हटेंगे: विपक्ष

विपक्ष ने सरकार को कड़ी चुनौती देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चाहे जितनी भी ताकत लगा लें, वे इस कार्यक्रम को रोक नहीं पाएंगे। विपक्षी पार्टियां तय रणनीति के तहत इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विपक्षी दलों की यह पूरी रूपरेखा 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली बड़ी और विशाल रैली से ठीक पहले वोट चोरी के मुद्दों और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन दबाव बनाने के मकसद से तैयार की गई है। अब बदले हुए शेड्यूल के मुताबिक यह महाभियोग 31 अक्टूबर को होगा।