बिहार की राजधानी पटना में पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर हुए जानलेवा हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बुद्ध कॉलोनी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुई इस घटना में बाइक सवार हमलावरों ने अनिल यादव पर कई राउंड गोलियां चलाईं। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, उन्हें कई गोलियां लगी हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद अनिल यादव को पहले बोरिंग रोड स्थित उदयन अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने बताया कि हमले के वक्त अनिल यादव अपार्टमेंट के बेसमेंट में बैठे थे। इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावर वहां पहुंचे और फायरिंग करने के बाद हथियार को हवा में लहराते हुए फरार हो गए।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में हमलावर बाइक से आते दिखाई देते हैं। इसके बाद उनमें से एक व्यक्ति हथियार निकालकर अनिल यादव पर फायरिंग करता नजर आता है। गोलियां लगने के बाद अनिल यादव जमीन पर गिर जाते हैं और हमलावर मौके से भाग निकलते हैं। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पुलिस आसपास लगे दूसरे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
पटना पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना शाम करीब साढ़े सात बजे मिली थी। मौके से सबूत जुटाने के साथ पुलिस हमलावरों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हमले के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और पुलिस पुरानी रंजिश समेत अन्य संभावनाओं की भी जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंचे प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव
अनिल यादव से मिलने जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिजनों से मिलकर उनका ढांढस बंधाया और इस घटना को लेकर सूबे की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। प्रशांत किशोर ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और गृह विभाग संभाल रहे सम्राट चौधरी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि "जब राजधानी पटना की सड़कों पर दिनदहाड़े गोलियां चल रही हों, तो आम नागरिक की हिफाजत पर सवाल उठना लाजिमी है।" उन्होंने सरकार से पूछा कि "आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए।" वहीं, तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और पुलिस-प्रशासन से हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा देने की मांग की। सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि "राज्य में अपराध पर लगाम लगाने में शासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है, और इस नाकामी पर पर्दा डालने के लिए जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है।"
कुछ दिन पहले बेटे की भी हुई थी हत्या
बता दें कि अनिल यादव पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 24 से पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उनकी पत्नी इसी वार्ड से मौजूदा पार्षद हैं। इस हमले के बाद पुलिस उनके परिवार से जुड़ी एक अन्य गंभीर घटना की जांच जारी है। गौरतलब है कि इस वारदात से पहले अनिल यादव के बेटे की भी गोली मारकर हत्या की जा चुकी थी। अब पुलिस दोनों मामलों को जोड़कर देख रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इनके बीच कोई कनेक्शन है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।