भारतीय पैरा एथलेटिक्स जगत से दुखद खबर सामने आई है। तीन बार एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके पैरा एथलीट नीरज यादव का 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह मंगलवार रात दिल्ली में एक फ्लैट में मृत पाए गए। उनकी मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा था और मामले की जांच जारी थी। नीरज यादव की जिंदगी संघर्ष, मेहनत और खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की कहानी रही। बचपन में पोलियो के कारण शारीरिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। उनके करियर के आखिरी वर्षों में डोपिंग मामले के कारण उन पर प्रतिबंध लगा और वह 2026 के एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। 

बचपन में पोलियो, फिर खेलों में बनाई पहचान

नीरज यादव को सात साल की उम्र में पोलियो के बाद होने वाली लकवे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों से नाता नहीं तोड़ा। शुरुआत में उन्होंने व्हीलचेयर टेनिस खेला और 2005 से 2012 तक इस खेल से जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में कदम रखा। साल 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्होंने शॉटपुट, भाला फेंक और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते। यहीं से उनके पैरा एथलेटिक्स करियर को नई पहचान मिली। आगे चलकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा साबित की। 

एशियन पैरा गेम्स में जीते तीन गोल्ड मेडल

नीरज यादव ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की F55 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान उन्होंने 29.84 मीटर का थ्रो कर एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। इसके बाद 2023 में हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने पुरुषों की F55 भाला फेंक और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में दो और स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस तरह वह एशियन पैरा गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय पैरा एथलीटों में शामिल हो गए। 

क्या था डोपिंग विवाद?

नीरज यादव के करियर को 2023 में डोपिंग मामले से झटका लगा। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की जांच में उनके एक सैंपल में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल पाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद उनके खिलाफ एंटी-डोपिंग प्रक्रिया शुरू हुई और उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। इस मामले में नीरज की ओर से सैंपल की पहचान और संभावित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए जाने की खबरें भी आई थीं। उन्होंने सैंपल की जांच के लिए DNA परीक्षण की मांग की थी। यह मामला उनके खेल करियर के लिए अहम साबित हुआ और प्रतिबंध के कारण वह 2026 के एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। 

कोच ने जताई निराशा, लेकिन मौत की वजह की पुष्टि नहीं

भारतीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज के निधन की खबर की पुष्टि करते हुए दुख जताया। मीडिया रिपोर्टों में कोच ने यह संभावना व्यक्त की कि आगामी एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाने से उन्हें भावनात्मक परेशानी हुई हो सकती है। यह केवल एक संभावना के तौर पर कही गई बात थी। नीरज की मौत के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। नीरज यादव का निधन भारतीय पैरा खेलों के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की और देश को कई स्वर्ण पदक दिलाए। उनके निधन की परिस्थितियों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच के बाद ही सामने आएगा।