तिब्बत में शनिवार, 24 अक्टूबर को कुछ ही घंटों के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0, 4.6 और 4.5 दर्ज की गई। सबसे तेज भूकंप की तीव्रता 4.6 थी, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। लगातार आए इन झटकों के बाद क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले गुरुवार रात चीन के तिब्बत क्षेत्र में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी। 

पांच घंटे में तीन बार आया भूकंप

  • राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, तिब्बत में शनिवार तड़के कुछ घंटों के अंतराल पर तीन भूकंप दर्ज किए गए।
  • पहला झटका: रात 1 बजकर 8 मिनट पर 4.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 15 किलोमीटर थी।
  • दूसरा झटका: रात 2 बजकर 7 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
  • तीसरा झटका: सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर दर्ज की गई।

लगातार भूकंप आने के बाद वैज्ञानिक एजेंसियां क्षेत्र में दर्ज हो रही गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। इन तीनों झटकों से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की अलग से पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है। 

इससे पहले 7.0 तीव्रता के भूकंप ने मचाई थी तबाही

तिब्बत में गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात करीब 10:33 बजे स्थानीय समय पर 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। इसका केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी गहराई करीब 18 किलोमीटर बताई, जबकि चीन के भूकंप निगरानी केंद्र ने लगभग 10 किलोमीटर की गहराई दर्ज की थी। इस भूकंप के बाद कई मकान ढह गए और आसपास के गांवों में इमारतों की दीवारों में दरारें आने की खबरें सामने आईं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए थे। बाद की रिपोर्टों में घायलों की संख्या अधिक बताई गई। बचाव दलों को प्रभावित इलाकों में राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए लगाया गया। 

भारत से अफगानिस्तान तक दर्ज हुई भूकंपीय गतिविधियां

तिब्बत में आए भूकंप और उसके बाद के झटकों के बीच हिमालयी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में तिब्बत और चीन के अलावा अफगानिस्तान में भी भूकंप दर्ज किए गए। अलग-अलग स्थानों पर एक ही समय के आसपास भूकंप दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी झटके एक ही घटना से जुड़े थे। इनके बीच संबंध स्थापित करने के लिए भूकंप के केंद्र, गहराई और भूगर्भीय आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है। 

ऊंचाई और ठंड के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण

तिब्बत के नागकू क्षेत्र की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 4,800 मीटर है। यहां दुर्गम भूभाग और कम तापमान के कारण राहत एवं बचाव कार्य मुश्किल हो सकते हैं। शक्तिशाली भूकंप के बाद कई मकान ढहने और सड़क मार्ग प्रभावित होने की खबरें आई थीं। चीन के अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाया। लगातार आने वाले छोटे झटकों के बीच क्षतिग्रस्त इमारतों में दोबारा प्रवेश करना भी जोखिम भरा हो सकता है। फिलहाल, 24 अक्टूबर को दर्ज किए गए तीन नए झटकों से हुए नुकसान के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों और प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर नजर बनी हुई है।